नक्सलियों ने बच्चों के बीच अपने पैर पसारने के लिए शॉर्ट फिल्म का सहारा लिया है। वह मासूम बच्चों का ब्रेनवॉश करने के लिए देश विरोधी वीडियो बना रहे हैं और गाने सुना रहे हैं। इसका जवाब अब उन्हें दंतेवाड़ा पुलिस देगी। पुलिस क्षेत्रीय बोली हल्बी- गोंडी में देशभक्ति शॉर्ट फिल्म और गाने बनवाएगी।
इन वीडियो और गानों को अंदरूनी गांवों के ग्रामीणों, यहां संचालित आश्रम शालाओं, पोटा केबिनों, हॉस्टल्स और स्कूलों के बच्चों को मेमोरी कार्ड में डालकर दिया जाएगा। पूरी फिल्म देशभक्ति से ओतप्रोत होगी। इसमें खास बात यह है कि इन फिल्मों को कोई और नहीं बल्कि खुद हल्बी गोंडी के जानकार पुलिस जवान बनाएंगे।
देशभक्ति गानों और शॉर्ट फिल्म बनाने वाले जवानों को इसके लिए तैयार किया जा रहा है। जिसमें बस्तर में विपरीत परिस्थितियों में सुरक्षा देने वाले जवानों और यहां की स्थितियों को दिखाया जाएगा। इसे देखकर बच्चों के मन में देशप्रेम और क्षेत्रीय की भावना पैदा होगी।
हर रविवार को अवकाश के दिन आवासीय संस्थाओं की स्कूल के बच्चों को यह फिल्म दिखाई जाएगी। इस बारे में एसपी डॉक्टर अभिषेक पल्लव ने बताया कि क्षेत्रीय बोली में देशभक्ति शॉर्ट फिल्म और गाना बनाए जाने की योजना तैयार की जा रही है। पुलिस के जवान ही यह काम करेंगे। इसपर एक हफ्ते के अंदर काम शुरू किया जाएगा। यह देशभक्ति फिल्में बच्चों और ग्रामीणों को दी जाएंगी। नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम किया जाएगा।
नक्सलियों द्वारा बच्चों का ब्रेनवाश करने और अपने साथ शामिल करने की साजिश का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को पोटा केबिन में पढ़ने वाले एक बच्चे के मोबाइल से नक्सलियों के बहुत सारे वीडियो मिले। पुलिस अधिकारियों ने बताया किसी भी क्षेत्रवासी पर उनकी बोली विशेष प्रभाव डालती है। हल्बी-गोंडी भाषा में देशभक्ति फिल्मों और गानों की संख्या न के बराबर है।
ग्राणीण क्षेत्रों के लोक अपनी क्षेत्रीय बोली की फिल्मों और गानों को ज्यादा पसंद करते हैं। अंदरूनी गांवों के ज्यादातर लोगों को हिंदी समझ नहीं आती है। जिसका नक्सली फायदा उठाते हैं। नक्सली क्षेत्रीय बोली मे वीडियो बनाते हैं जिसे ग्रामीण मनोरंजन के तौर पर देखते हैं और यह उनके दिमाग पर बुरा असर डालती है। इसी वजह से पुलिस अब क्षेत्रीय भाषा में देशभक्ति वीडियो बनाएगी। जो मनोरंजन करने के साथ ही ग्रामीणों के मन में देशभक्ति की भावना को जगाने का काम करेगी।