बालोद जिले में धान खरीदी तेजी से चल रही है। अब तक 3 लाख 55,000 मेट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, लेकिन उठाव काफी धीमा होने के कारण यहां पर अभी से ही शॉर्टेज की स्थिति देखने को मिल रही है। वहीं, जिला खाद्य विभाग ने बताया कि मिलर अब पंजीयन कर रहे हैं तो डीओ भी काटना शुरू हो चुका है। अब तेजी से परिवहन और हो पाएगा। इस सत्र में जब से धान खरीदी की शुरुआत हुई है, तब से ही मिलर हड़ताल पर थे। इसके कारण काफी समस्या का सामना ध्यान खरीदी में करना पड़ा।
जिला खाद्य अधिकारी तुलसीराम ठाकुर ने बताया कि बालोद जिले के राइस मिल संचालकों की राज्य शासन से सहमति बनने के बाद से हड़ताल खत्म हो चुकी है, जिसके बाद मिलर अब कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे बालोद जिले से अब तक 86 राइस मिलर कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कर चुके हैं। पहले धान संग्रहण केंद्र में व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया गया था, ताकि वहां पर धन को स्टॉक करके रखा जा सके। अब स्थितियां सामान्य होने लगी हैं। धान खरीदी चल रहा है। इसके साथ-साथ परिवहन भी शुरू हो चुका है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया के साथ-साथ भौतिक सत्यापन करके सारा काम शुरू किया गया है और शनिवार से मिलरो का काम शुरू हो चुका है।
पहले 16 और 17 प्रतिशत नमी में हुई खरीदी
धान खरीदी को लगभग 20 दिन होने वाले हैं, ऐसे में कई धान खरीदी केंद्रों से परिवहन जब किया जा रहा है तो पता चला है कि अभी से ही धान में शॉर्टेज आने शुरू हो गए हैं। ताजा मामला बालोद जिले के जुंगेरा सोसाइटी का है, जिस पर खाद्य विभाग ने बताया कि पहले 16 और 17 प्रतिशत धान की नमी को देखते हुए खरीदी की गई थी तो वह सूखने वाली चीज है वह यदि 14 परसेंट पहुंच जाता है तो शॉर्टेज की स्थिति आती है। उन्होंने कहा कि अब यहां पर इलेक्ट्रॉनिक कांटे से ध्यान खरीदी की जा रही है। शॉर्टेज की समस्या है और वह सामान्य बात है।