छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के गोलावंड विकासखंड में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्रावास से देर रात तीन छात्राएं कथित भूत के डर के कारण बाहर निकल गईं। छात्राएं हॉस्टल छोड़कर सीधे गांव के सरपंच के घर पहुंचीं। इस घटना के बाद छात्रावास प्रशासन और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित छात्राओं को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के लिए दूसरे परिसर में स्थानांतरित कर दिया है।
डरावनी आकृति का किया दावा
छात्रावास से भागकर सरपंच के घर पहुंची छात्राओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें रात के समय परिसर के भीतर साड़ी पहने एक डरावनी आकृति दिखाई दी थी। छात्राओं का दावा है कि वह आकृति उन्हें लगातार अपनी तरफ खींचने का प्रयास कर रही थी। इस दृश्य को देखकर तीनों छात्राएं अत्यधिक भयभीत हो गईं और अपनी जान बचाने के लिए रात में ही छात्रावास परिसर से बाहर निकल गईं। वहां से वे सीधे गांव के सरपंच के निवास स्थान पर पहुंचीं और शरण ली। हालांकि, छात्राओं द्वारा बताए गए इस विवरण और साड़ी पहने डरावनी आकृति दिखने के दावों की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
दूसरे परिसर में व्यवस्था
मामले की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कृपेंद्र तिवारी ने बताया कि छात्राओं ने रात में डर लगने और प्रेत आत्मा जैसी साड़ी पहनी आकृति दिखाई देने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि बालिकाओं की परेशानी को देखते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच तथा अन्य स्थानीय लोगों से बातचीत कर सर्वसम्मत समाधान निकालने का आग्रह किया गया था। जिस परिसर में छात्राएं रह रही थीं, वहां डर लगने की बात सामने आने के बाद अब उन्हें दूसरे कैंपस में स्थानांतरित कर दिया गया है, ताकि वे भयमुक्त होकर अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रख सकें।
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद छात्रावास की संपूर्ण व्यवस्था, बालिकाओं की सुरक्षा और उनकी मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है। बालिकाओं के मन में समाए इस खौफ के मूल कारणों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।