प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर
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कांग्रेस ने साय सरकार की तबादला नीति पर सवाल उठाये हैं। उसका कहना है कि सरकार ट्रांसफर नीति में कर्मचारी-कर्मचारी में ही भेदभाव कर रही है। ट्रांसफर नीति से शिक्षा, पुलिस, परिवहन, खनिज, वाणिज्य, पंजीयन विभाग के साढ़े तीन लाख कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है। राज्य सरकार की ये कैसी ट्रांसफर नीति है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने ट्रांसफर नीति से शिक्षा, पुलिस, परिवहन, खनिज, वाणिज्य, पंजीयन विभाग के कर्मचारियों को बाहर करने पर कहा किप्रदेश में लगभग 4.50 लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जिसमें से शिक्षा विभाग में 2.50 लाख शिक्षक, पुलिस विभाग में 70 हजार से अधिक कर्मचारी, परिवहन विभाग खनिज विभाग, वाणिज्य विभाग, पंजीयन विभाग मिलाकर लगभग 40 हजार कर्मचारी है। यह कैसी नीति है जिससे कर्मचारी वर्ग के 80 प्रतिशत लोगों को बाहर रखा गया है। सरकार इनके साथ भेदभाव कर रही है। इनके अधिकारों का हनन कर रही है। ये कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रांसफर के नाम से भाजपा के सरकार के मंत्री अंधाधुन लेनदेन करेंगे। ट्रांसफर के इंतजार करें अधिकारी कर्मचारियों की मजबूरी का फायदा उठाएंगे। तहसीलदारों के ट्रांसफर के समय तहसीलदार संघ ने सूची और प्रमाण के साथ करोड़ों रुपए की लेन-देन का आरोप राजस्व मंत्री को पर लगाया था जिसकी जांच अब तक नहीं हुई है, बल्कि सरकार ने दबाव पूर्वक तहसीलदार संघ के पदाधिकारी के पर कार्यवाही की है भाजपा का एक ही काम है भ्रष्टाचार करना। भाजपा ट्रांसफर उद्योग चलाने के लिए जानी जाती है यह ट्रांसफर नीति नहीं बल्कि कर्मचारियों से वसूली अभियान की शुरुआत की है कर्मचारियों का ट्रांसफर नियमानुसार किया जाए बिना दबाव के किया जाए।