छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से दो खबरें हैं। दोनों महिला जागरूकता और अपने अधिकारों के लिए उनके उठ खड़े होने की। जरूरी सामाजिक मुद्दों पर अक्सर चुप रहने वाली युवतियों के लिए ये दोनों लड़कियां मिसाल हो सकती हैं।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के बईखापा गांव में शादी से पहले एक युवती ने ऐसा कदम उठाया कि हर कोई उसकी तारीफ कर उठा। जानकारी के अनुसार गांव की फुल्लेश्वरी बंजारा की शादी देवकीरारी बिल्हा गांव निवासी सूरज प्रकाश बंजारा से तय हुई थी।
इसी दौरान शादी से पहले गत 15 मई को फुल्लेश्वरी ने अपने ससुराल में शौचालय होने की जानकारी मांगी थी, जिस पर उसके ससुर खेमराज बंजारा ने शौचालय होने से इंकार कर दिया। उसने बताया कि वह शौचालय निर्माण की सरकारी योजना का इंतजार कर रहे हैं, तभी उसका निर्माण करा पाएंगे।
इस पर फुल्लेश्वरी ने अपने होने वाली पति और ससुरालियों को जानकारी भिजवा दी कि वो शादी के लिए जब ही तैयार होगी जब ससुराल में शौचालय निर्माण हो जाएगा। तब तक वह इंतजार कर लेगी। यह सुनते ही उसका होने वाला पति सूरज और ससुर खेमराज अपने गांव पहुंचे और जैसे तैसे शौचालय का निर्माण कराया।
इसके बाद उन्होंने तैयार शौचालय के फोटो खिंचवाकर गांव के कुछ लोगों को उन्हें देकर पुल्लेश्वरी के गांव भेजा। जहां सरपंच राजकुमार भारद्वाज के साथ वे पुल्लेश्वरी के घर पहुंचे और वो फोटो दिखवाए।
इसके बाद शादी की नई तारीख तय हुई और बीते 5 जून को फुल्लेश्वरी अपने पति के घर के लिए रवाना हुई। फुल्लेश्वरी के इस कदम के बाद गांव के अन्य लोगों में भी जागरूकता आई और सभी ने 30 जून तक अपने अपने घरों में शौचालय निर्माण का संकल्प लिया।