छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लोक निर्माण विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में सड़कों और पुलों के निर्माण को गति देने के लिए विभाग ने 13 महत्वपूर्ण कार्यों हेतु 299 करोड़ रुपये की निविदाओं को मंजूरी दी है। इसके साथ ही 7 जिलों की 10 सड़कों के लिए 116 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और जगदलपुर स्थित क्षेत्रीय मुख्य अभियंता कार्यालयों के साथ-साथ प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा सभी कार्यों की सीधी मॉनिटरिंग की जाएगी। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आम नागरिकों को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
कई जिलों में सड़क, पुल और भवन निर्माण को मिली मंजूरी
रायपुर जिले में फरफौदा–गुखेरा मार्ग और चंदखुरी–जावा–मोंहदी मार्ग के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण के लिए पुल-पुलिया सहित निविदाएं स्वीकृत की गई हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हथबंद–सिमगा मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज और ध्यानचंद चौक से बजरंग चौक तक टू-लेन सीसी रोड के निर्माण को हरी झंडी दी गई है।
नारायणपुर जिले में पल्ली–छोटेडोंगर–ओरछा मार्ग पर सीमेंट-कांक्रीट सड़क एवं पुलिया मजबूतीकरण के कार्यों को मंजूरी मिली है। नवा रायपुर में लोकभवन, मुख्यमंत्री निवास, मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के आवासीय परिसरों तथा माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय भवन के शेष निर्माण कार्यों के लिए भी बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, धमतरी और महासमुंद जिलों में उच्च स्तरीय पुलों, सड़क मजबूतीकरण और डामर नवीनीकरण के कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
7 जिलों की 10 सड़कों के लिए 116 करोड़ मंजूर
वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल योजनाओं के तहत धमतरी, राजनांदगांव, कोण्डागांव, कांकेर, बिलासपुर, जशपुर और बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों में प्रमुख मार्गों के उन्नयन, चौड़ीकरण और पुल निर्माण के लिए 116 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में यातायात सुविधा बेहतर होगी, आवागमन सुगम बनेगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।