आईफोन, नया लैपटॉप, घर, कहीं घूमने जाने का टूर। तमाम नौकरीपेशा लोग अपनी हर महीने की तनख्वाह से पैसा बचा-बचाकर प्लान करते हैं कि आने वाले समय में उस पैसे का क्या किया जाए?
लेकिन छत्तीसगढ़ में बस्तर के एक चायवाले ने इन तमाम शौक को अलग रख 1.5 लाख रुपए इकट्ठा किया और गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए दान कर दिया।
जगदलपुर से पांच किलोमीटर दूर आडावाल गांव में सड़क किनारे टिन शेड के नीचे छोटी सी चाय-समोसे की दुकान चलाने वाले अरविंद साहा का कहना है कि उसने 1.5 लाख रूपए इकट्ठे किए और गरीब बच्चों के लिए सरकारी स्कूल को दान कर दिया।
'मैं नहीं पढ़ पाया था'
अरविंद का कहना है कि गरीबी के कारण खुद आठवीं के बाद नहीं पढ़ पाए थे। इसीलिए वह चाहते थे कि वे जीवन में कुछ ऐसा करें जो दूसरों की मदद कर सकें।
अरविंद कई साल से चाय बेच रहे हैं। उनके सामने से कई ऐसे बच्चे निकलते थे, जिनके पास पढ़ने के लिए न पूरी किताबें होती हैं और ना ही अच्छी ड्रेस, यह देखकर उन्हें बुरा लगता था। इसीलिए उन्होंने कुछ ऐसा करने का सोचा जो उनकी मदद कर सके।
फिक्स डिपोजिट में जमा हुई रकम
अरविंद ने आडावाल हाईस्कूल में 1.5 लाख रुपए दान के रूप में दे दिए हैं, जहां इस रकम को फिक्स डिपॉजिट में जमा करा दिया गया है। हर साल इस राशि से मिलने वाले ब्याज से गरीब बच्चों को स्कूल ड्रेस वितरत की जाएंगी।
लोगों का कहना है कि दुकान के सामने से गुजरने वाले कई स्कूली बच्चों को अरविंद बहुत बार मुफ्त में नाश्ता भी देते हैं।