बस्तर पुलिस ने आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए टॉप नक्सली लीडर बसव राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया गया। चार दिन की सर्चिंग के बाद मुठभेड़ में पहाड़ी घेरकर नक्सलियों को भागने से रोका गया।
बस्तर पुलिस के लिए बुधवार का दिन सबसे बड़ा दिन था। नक्सलियों की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर मुख्यधारा में जुड़ने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आला अधिकारियों को एक जरूर सूचना दी। उन्होंने बताया कि नक्सलियों का टॉप लीडर बैठक लेने के लिए आया हुआ है। इसके बाद अलग-अलग जिले की टीम को रवाना किया गया। चार दिनों तक चले सर्चिंग के बाद पुलिस जवानों ने टॉप लीडर के साथ ही 27 नक्सलियों को मार गिराने में सफलता हासिल की।
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आत्मसमर्पित नक्सलियों ने अधिकारियों को सूचना दी कि नक्सलियों के संगठन का महासचिव, पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय सैन्य प्रमुख और केंद्रीय समिति सदस्य बसव राजू (70) नक्सलियों की बैठक लेने के लिए आया हुआ है। पुलिस टीम बिना देर किए मौके के लिए निकल गई। 21 मई को दो घंटे तक मुठभेड़ चली। गोलीबारी के बाद जब जवानों ने इलाके की सर्चिंग की तो उन्हें बसव राजू का शव बरामद हुआ। पुलिस के पास बसव राजू की पुरानी फोटो थी, जिसे आत्मसमर्पित नक्सलियों को दिखाई। उन्होंने बसव राजू के मारे जाने की पुष्टि की।
जवानों ने पहाड़ी को घेर लिया
बुधवार की सुबह जैसे ही गोलीबारी शुरू हुई, सबसे पहले जवान अपना मोर्चा संभालते हुए पहाड़ी को घेरने में जुट गए। गोलाबारी करते हुए जवानों ने 27 नक्सलियों को मार गिराने में सफलता हासिल की।
जवानों को भारी पड़ता देख भागे नक्सली
बताया जा रहा है कि जिस समय पुलिस व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। नक्सलियों व पुलिस की ओर से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। इसके बाद नक्सली डर के चलते भागने लगे।
कौन है बसव राजू
बसव राजू (70) आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम जिले का निवासी था, जिसने 2010 में दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ के 76 जवानों की हत्या कर दी थी। 2018 में गणपति के इस्तीफे के बाद से यह माओइस्ट पार्टी का सुप्रीम कमांडर बना था। इसने वारंगल से एमटेक की पढ़ाई की थी और उसी दौरान नक्सली बना था।