Sukma IED blast: ASP Akashrao Giripanje: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोन्टा-एर्राबोरा मार्ग पर डोंड्रा के पास हुए आज सोमवार को नक्सलियों के बिछाए आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आकर कोंटा के एएसपी आकाशराव गिरीपून्जे वीरगति को प्राप्त हो गये। वहीं कोंटा एसडीओपी और कोंटा थाना प्रभारी बुरी तरह से घायल हैं, जिनका रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गिरपून्जे की शहादत से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। बीजेपी ने आज के सारे कार्यक्रम रद्द कर दिये हैं। उनके निवास पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई है। सभी शोक संवेदना प्रकट करने के लिये पहुंच रहे हैं। लोग नम आंखों से श्रद्धांजिल दे रहे हैं। नक्सलियों की इस कायराना हरकत से सबकी आंखे गमगीन हैं।
वो दो दिन बाद 11 जून को अपनी बेटी के जन्मदिन पर रायपुर निवास आने वाले थे। अपनी बेटी से वादा किया था कि एक साथ जन्मदिन मनाएंगे, लेकिन इसके पहले ही वे आईईडी ब्लास्ट में बलिदान हो गये। इससे पहले हफ्तेभर पहले ही वो रायपुर आये थे। अपने बेटे का जन्मदिन मनाया था। इसके बाद बेटी के जन्मदिन पर आने का वादा किये थे। परिवार के साथ ये मुलाकात उनकी आखिरी मुलाकात बनकर रह गई। कल 10 जून को रायपुर के महादेव घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
आकाश राव गिरपून्जे के दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी है। फिलहाल गर्मी की छुटी में बच्चों को लेकर उनकी पत्नी अपने घर गई थीं। इस दौरान इस घटना से पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है। सबका रो-रोकर बुरा हाल है।
रायपुर पहुंचा आकाश राव का पार्थिव शरीर
ASP आकाश राव का पार्थिव शरीर रायपुर एयरपोर्ट पहुंच चुका है। एयरपोर्ट से मेकाहारा में पोस्टमार्टम के लिये लाया गया है। इसके बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।
परिजनों से मिले रायपुर एएसपी लाल सिंह उमेद
रायपुर एएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह गिरपुंजे के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपना शोक व्यक्त किया और परिवार को ढांढस बंधाया। परिजनों से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि वे पिताजी भाई चाचा से मुलाकात हुई। सभी पीड़ा में हैं। उन्होंने बताया कि जब आकाश का सिलेक्शन हुआ था, तब से मैं उसे जानता था। उस समय मैं रायपुर का एएसपी था। ये घटना बेहद दुखद है।
वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में दी सेवाएं
आकाश राव गिरपून्जे (42 वर्षीय), रायपुर जिले के निवासी थे और 2013 बैच के सीधी भर्ती डीएसपी थे. वे वर्ष 2024 से कोन्टा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवा दे रहे थे. वे छत्तीसगढ़ पुलिस के सबसे साहसी योद्धाओं में से एक थे, जिन्होंने मानपुर-मोहला और सुकमा जैसे वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी थी।
छत्तीसगढ़ में ये तीसरी घटना
लंबे समय बाद छत्तीसगढ़ में किसी अधिकारी की शहादत हुई है। छत्तीसगढ़ में ये तीसरी और बस्तर की दूसरी घटना है। जिसमें एडिशनल एसपी लेवल के अधिकारी बलिदान को प्राप्त हुए हैं। साल 2001 में एडिशनल एसपी भास्कर दीवान वीरगित प्राप्त हुए थे। साल 2011 में राजेश पवार गरियाबंद आईईडीब्लास्ट में शहादत को प्राप्त हुए थे।