कम से कम दो हेक्टेयर में खेती करने पर
. बोरवेल के लिए 50,000 रुपये।
. सिंचाई सुविधा के लिए 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर।
. पंपसेट के लिए 27,000 रुपये।
. फेंसिंग के लिए 1,08,970 रुपये प्रति हेक्टेयर।
. ड्रिप सिस्टम के लिए 14,130 + 6,636 (टॉप-अप) का अनुदान भी देय है।
ऑयल पाम खेती के लाभ
. 10 से 12 टन प्रति एकड़ उत्पादन, जिससे अच्छा मुनाफा।
. कम मजदूरी व कम बीमारियां, जिससे लागत घटेगी।
. अनुबंधित कंपनियों द्वारा खरीदी, दलालों से छुटकारा।
. हरप्रकार की सिंचित भूमि पर खेती संभव।
पहले चार वर्षों में अनुमानित खर्च 25,000 से 30,000 रुपये प्रति हेक्टेयर है, लेकिन चौथे से छठवें वर्ष तक प्रति हेक्टेयर 70,000 से 2,70,000 रुपये तक की आय संभावित है। खाद्य तेल के अलावा इसका उपयोग कॉस्मेटिक्स और अन्य औद्योगिक उत्पादों में भी होता है। सरकार द्वारा संग्रहण केंद्रों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
ऑयल पाम की खेती किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद और स्थायी आय का साधन बन सकती है। सरकारी अनुदान और तकनीकी मार्गदर्शन से किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर समृद्धि की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।