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रायपुर में इतने स्कूलों का होगा युक्तियुक्तकरण: छत्तीसगढ़ में दस हजार से ज्यादा शालाओं को होगा युक्तियुक्तकरण

Wed, 28 May 2025 03:49 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इस क्रम में रायपुर जिले में कुल 389 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। 
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स्वामी आत्मानंद स्कूल, रायपुर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इस क्रम में रायपुर जिले में कुल 389 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। इनमें एक ही परिसर के विद्यालय जिनमें शिक्षा विभाग के 384 आदिवासी विकास विभाग के एक स्कूल और ग्रामीण क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में विद्यालय शामिल हैं। इनमें  एजुकेशन विभाग के एक स्कूल और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के भीतर के विद्यालय में शिक्षा विभाग के तीन विद्यालय शामिल हैं, जिनका युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। युक्तियुक्तकरण के जरिये मानव भौतिक संसाधन का सही उपयोग और संतुलन बनाए रखना है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात सही रहेगा और गुणवत्तापूर्वक शिक्षा प्रदान करने में सहयोग मिलेगा। 

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ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 स्कूल शामिल 
छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा विभाग ने राज्य में कुल 10 हजार 463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें ई-संवर्ग की 5849 और टी-संवर्ग की 4614 स्कूल शामिल हैं। यह आदेश लागू कर दिया गया है। यह युक्तियुक्तकरण आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के निर्देशों के अनुरूप है, जिसका मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक संसाधनों का संतुलित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।

'शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला कदम'
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्कूल शिक्षा विभाग का दूरदर्शी निर्णय स्कूल शिक्षा को बेहतर, समावेशी और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। साय ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को लेकर शिक्षा विभाग के निर्णय की सराहना करते हुए कहा है कि यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर देगा।
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छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से मिलेगी मुक्ति 
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही परिसर में विभिन्न स्तरों के विद्यालयों का समायोजन, न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी है, बल्कि इससे शिक्षा की निरंतरता बनी रहेगी और छात्र ड्रॉपआउट की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। इससे स्कूली वातावरण अधिक प्रभावशाली बनेगा और बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप उठाया गया यह कदम छत्तीसगढ़ को शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

शिक्षकों की अतिरिक्त उपलब्धता होगी सुनिश्चित 
स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि शालाओं के युक्तियुक्तकरण अंतर्गत एक ही परिसर में संचालित 10,297 विद्यालयों को युक्तियुक्त किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित 133 विद्यालयों और शहरी क्षेत्र में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 विद्यालयों को भी युक्तियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सीधा सुधार देखने को मिलेगा। युक्तियुक्तकरण के कारण शिक्षकों की अतिरिक्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे अन्य जरूरतमंद शालाओं में भी संतुलन बन पाएगा। इस समायोजन से स्थापना व्यय में भी कमी आएगी, जिससे शैक्षणिक ढांचे पर अधिक निवेश संभव होगा।

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