कौशल विकास का प्रशिक्षण लेते हुए पूर्व नक्सली
- फोटो : अमर उजाला
कौशल विकास और रोजगार पर जोर
सरकार इन पूर्व नक्सलियों को उनकी रुचि के अनुसार ट्रेड सिखा रही है, ताकि उन्हें भविष्य में आसानी से रोजगार मिल सके। आइटीआइ और लाइवलीहुड मिशन के तहत राजमिस्त्री, खेती-किसानी, पशुपालन, मछली पालन जैसे कौशल सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के साथ-साथ एक्सपोजर विजिट भी करवाई जा रही हैं, जहां ये लोग विभिन्न जिलों के संस्थानों में जाकर व्यवसायों को करीब से समझ रहे हैं।
नक्सलवाद से हुनर की ओर
बस्तर, खासकर बीजापुर, एक समय नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था। अब सरेंडर करने वाले नक्सलियों के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है, ताकि वे बेरोजगारी के कारण दोबारा उसी दलदल में न लौटें। प्रशिक्षण शिविरों में 90 लोगों के बैच में पहले चरण का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। यहां सुबह पांच बजे योग से दिन की शुरुआत होती है, फिर दिनभर विभिन्न ट्रेड की ट्रेनिंग दी जाती है। साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत पढ़ाई, टीवी देखने का समय और शाम को खेलकूद का आयोजन भी किया जाता है।
कौशल विकास का प्रशिक्षण लेते हुए पूर्व नक्सली
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