रक्षाबंधन के अवसर पर कैदियों के रिश्तेदार रायपुर सेंट्रल जेल पहुंच रहे हैं। जेल के भीतर ही बहने अपने भाई को राखी बांध रहे हैं। अब तक लगभग 300 बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी है।
सलाखों के पीछे कैद भाइयों की कलाइयां सुनी नहीं होगी। बहने जेल में ही अपने भाइयों को राखी बांध रही हैं। सलाखों के पीछे कैद भाई अपने बहनों के साथ धूमधाम से रक्षा बंधन का त्यौहार मना रहे हैं। रायपुर केंद्रीय जेल में रक्षा बंधन का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है।
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रक्षाबंधन के अवसर पर कैदियों के रिश्तेदार रायपुर सेंट्रल जेल पहुंच रहे हैं। जेल के भीतर ही बहने अपने भाई को राखी बांध रहे हैं। इसके लिए रविवार से ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। आज तीन बजे तक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद ही बहने अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी।
रायपुर जेल अधीक्षक अमित ने बताया कि राखी का त्यौहार को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। बहनों को सबसे पहले पंजीयन कराना होगा। इसके बाद समान और साथ में आए रिश्तेदारों कि चेकिंग की जाएगी, जिसके बाद उन्हें अंदर भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि सिर्फ राखी और 100 ग्राम मिठाई अंदर ले जाने की अनुमति है।
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रविवार शाम तक 297 रजिस्ट्रेशन कराए थे। आज दोपहर तीन बजे तक रजिस्ट्रेशन खुला है। अब तक लगभग 300 बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी है। इसके साथ ही जेल के भीतर बंदी के परिवार के तीन लोगों को ही मिलने की अनुमति होगी। रक्षा बंधन के पर्व पर जेलों में भारी भीड़ होने पर सुरक्षा के भी तगड़ा इंतजाम किया गया है।