कांकेर के माटोली गांव के प्राथमिक स्कूल में रतनजोत के बीज खाने से सात बच्चे बीमार हो गए। उल्टी होने पर बच्चों को पखांजूर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर जांच की मांग की।
छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माटोली गांव स्थित प्राथमिक शाला में रतनजोत के बीज खाने से सात बच्चे बीमार हो गए। स्कूल समय के दौरान बच्चों ने रतनजोत के बीज खा लिए थे। इसके बाद वे अपने-अपने घर लौट गए। घर पहुंचने पर एक-एक कर सभी सात बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें लगातार उल्टी होने लगी। बच्चों की बिगड़ती हालत देख परिजन तत्काल उन्हें पखांजूर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की देखरेख में सभी बच्चों का उपचार चल रहा है।
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स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
इस घटना के सामने आते ही पीड़ित बच्चों के परिजनों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी रतनजोत के बीज खाने से बच्चे बीमार हो चुके हैं। इसके बावजूद स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक सतर्कता नहीं बरती गई।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के समय बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी पूरी तरह स्कूल प्रबंधन की होती है। ऐसे में बच्चों का रतनजोत के बीज खाना और घर पहुंचने के बाद बीमार पड़ना सीधे तौर पर लापरवाही को दर्शाता है। ग्राम पंचायत की सरपंच सुखबत्ती मरकाम और ग्रामीणों ने घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल पखांजूर सिविल अस्पताल में सभी सात बच्चों का इलाज जारी है।