फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chhattisgarh News: प्रसव के दौरान स्टाफ की अनुपस्थिति का गंभीर मामला, सीएचसी की आरएचओ निलंबित

Tue, 12 Aug 2025 01:02 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर/सूरजपुर

सार

सूरजपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भटगांव में प्रसव के दौरान स्टाफ की अनुपस्थिति का गंभीर मामला सामने आने के बाद आरएचओ विक्टोरिया केरकेट्टा को निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक गर्भवती का प्रसव जमीन पर कराए जाने के मामले में हॉस्पिटल के महिला आरएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है। जिला स्तरीय जांच समिति की टीम जांच के उपरांत तत्काल लापरवाही के आरोप में विक्टोरिया केरकेट्टा को दोषी पाते जाने पर कार्रवाई की गई।

वहीं मेडिकल आफिसर एवं नर्स के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी गई है। उक्त मामला 9 अगस्त को प्रसव के लिए हॉस्पिटल आई महिला ने फर्श पर ही बच्चे को जन्म दिया था। इस दौरान नर्स और ड्यूटी डॉक्टर बिना किसी सूचना के नदारद मिलने की खबर अमर उजाला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिससे हरकत में आई जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने हॉस्पिटल पहुँच कर कार्यवाही की है।

4 घंटे तक फर्श में तड़पती रही महिला

विज्ञापन

ज्ञात हो कि गांव की मितानिन अपने निजी कार्य की वजह से रायपुर गई हुई थी। जिस वजह से 9 अगस्त को ओड़गी ब्लॉक अंतर्गत असना ढोढ़ी निवासी कुंती पंडो 30 वर्षीय को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों के द्वारा भटगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। जहाँ डॉक्टर व नर्स नदारत पाए गए थे। जिससे हॉस्पिटल के प्रसव कक्ष में वह चार घंटे तक तड़पती रही और फर्श पर बच्चे को जन्म दिया।

कार्यवाही उपरांत आरएचओ पर गिरी गाज
जिला स्तरीय जांच समिति ने महिला आरएचओ विक्टोरिया केरकेट्टा को मामले में दोषी पाते हुए सस्पेंड कर दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ड्यूटी रोस्टर में तैनात संबंधित मेडिकल ऑफिसर डा. आरपी मिंज और स्टाफ नर्स शीला सोरेन के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

वहीं सूरजपुर सीएचएमओ डॉ. कपिल देव पैकरा ने बताया कि जांच रिपोर्ट राज्य शासन को भेज दी गई है। कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत की जा रही है। वही स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मामले में उच्च अधिकारियों को तुरंत जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें