राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एक खास मौके पर छत्तीसगढ़ के आस्था विद्या मंदिर पहुंचे थे। यहां आने के बाद वह छात्र की भूमिका में पहुंच गए और उनकी टीचर बनीं 8वीं में पढ़ने वाली संध्या नाम की छात्रा। पिछले हफ्ते राष्ट्रपति के दौरे के दौरान संध्या नेताम ने उन्हें तीन मिनट तक विज्ञान (साइंस) पढ़ाया था। संध्या ने इस अनुभव को खास बताया और कहा कि वह बड़े होकर डॉक्टर बनना चाहती हैं।
स्कूल के प्रिंसिपल एस प्रधान ने कहा, 'यह हमारे लिए बड़े ही सम्मान की बात है कि
राष्ट्रपति कोविंद हमारे स्कूल आए। संध्या बहुत मेधावी छात्रा है। उसने राष्ट्रपति को तीन मिनट तक साइंस पढ़ाया था। हालांकि नक्सली हमले में युवावस्था के दौरान ही उसने अपने पिता को खो दिया था। इसके बावजूद वह पढ़ने में काफी तेज है।'
बताया जाता है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा के जवांगा गांव के इस स्कूल में
आदिवासी छात्रा संध्या की बातें सुनकर राष्ट्रपति काफी भावुक हो गए थे। वह संध्या के पढ़ाने के तरीके से भी काफी प्रभावित हुए। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी उनके साथ मौजूद थे। कोविंद ने संध्या से पूछा था कि क्या तुम टीचर और स्टूडेंट दोनों हो?
राष्ट्रपति को साइंस पढ़ाने की बात जैसे ही लोगों को पता चली, घर पहुंचने के बाद गांववालों ने उसका स्वागत मिठाई खिलाकर किया। मां और भाई ने संध्या को मिठाई खिलाई और उससे मिलने के लिए लोग भी पहुंचे। सभी ने संध्या को बधाई दी। उसकी मां मंगड़ी देवी ने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। उन्होंने नक्सल हिंसा से पीड़ित बच्चों के लिए आस्था विद्या मंदिर स्कूल शुरू करने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया।