पामगढ़ विधायक के कथित ऑडियो में करोड़ों की रेत डील का जिक्र
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जांजगीर-चांपा जिले में पामगढ़ की कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश का एक कथित ऑडियो वायरल होने से राजनीतिक हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि यह ऑडियो विधायक और अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों के बीच हुई बातचीत का है। इसमें विधायक द्वारा रेत उत्खनन के एवज में प्रति माह कलेक्टर को 3 लाख, एसडीएम को 2 लाख, स्वयं के लिए 5 लाख और राघवेन्द्र नामक व्यक्ति के लिए 1 लाख रुपये मांगने की बात सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, यह ऑडियो बातचीत रोशन नामक व्यक्ति के साथ बताई जा रही है। वहीं, इस आडियो के सामने आने के बाद विधायक ने प्रेस वार्ता कर इसे पूरी तरह से फर्जी बताया और दावा किया कि उन्हें बदनाम करने के लिए एआई तकनीक से एडिट कर यह ऑडियो वायरल किया गया है।
जांजगीर-चांपा जिले में रेत माफियाओं का कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है। आरोप यह भी लगते रहे हैं कि इस अवैध धंधे को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा है। अब पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश के नाम पर एक साथ 6 आडियो क्लिप्स वायरल हुए हैं, जिनमें कथित तौर पर रेत कारोबार से अपने लिए, कलेक्टर, एसडीएम और राघवेन्द्र सिंह के लिए रुपये मांगने की बातें की गई हैं। इनमें से एक आडियो में अवैध रेत उत्खनन करते पकड़े जाने पर गाड़ी छुड़वाने और चालान रोकने के लिए भी लेन-देन की चर्चा सुनाई देती है।
वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक शेषराज हरवंश ने इन ऑडियो को फर्जी करार देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और भाजपा के कुछ पदाधिकारी मिलकर उन्हें बदनाम करने की साज़िश कर रहे हैं। विधायक शेषराज हरवंश ने कहा कि चुनाव के समय से ही उन्हें हराने की कोशिशें होती रही हैं और अब जब वे जीत गई हैं तो लगातार बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारी राजेश भारद्वाज पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पामगढ़ की सरकारी जमीन को फर्जी रजिस्ट्री कर बेचने का मामला है। इस मामले को दबाने के लिए उन्हें पैसा और जमीन का प्रलोभन दिया गया था, जिसे अस्वीकार करने पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। विधायक ने दावा किया कि वायरल आडियो को एआई से एडिट कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया है और इस पूरे प्रकरण में उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने की घोषणा की है।
विधायक शेषराज हरवंश ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ही पार्टी के कुछ लोग भाजपा पदाधिकारियों के साथ मिलकर उन्हें बदनाम करने की साजिश में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पार्टी स्तर पर भी शिकायत की जाएगी और वायरल आडियो की जांच के लिए पुलिस से परीक्षण की मांग करेंगे। हालांकि, विधायक ने यह स्वीकार किया कि 6 में से एक ऑडियो क्लिप असली है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों से चालान काटने और गाड़ी छुड़वाने की बात कही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला करीब एक साल पुराना है।