रानी गीता का कहना है कि बुढ़ापे के कारण राजा सुरेंद्र बहादुर की याददाश्त कमजोर हो गई है। वे देख-सुन भी नहीं सकते, जिसका फायदा सेवादार उठा रहे हैं। रानी गीता ने एसपी पारूल माथुर को एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि राजा जिसे बेटा बता रहे हैं, वह हमारा बेटा नहीं है। उन्होंने कहा कि महल के सेवक धनेश्वर सिंह सिदार के पुत्र धीरेंद्र खुद को राजकुमार बता रहा है, जबकि वह हमारा वारिस नहीं है।
रानी ने दर्ज कराया घरेलू हिंसा का मामला
रानी गीता राणा सिंह के मुताबिक उन्होंने प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सक्ती में घरेलू हिंसा के तहत मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने फिलहाल घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के तहत उन्हें महल में रखने के लिए 4 जून को आदेश पारित किया है।
धर्मेंद्र का दावा: मैं राजा का दत्तक पुत्र
धर्मेंद्र सिंह सिदार का कहना है, मैं राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह का दत्तक पुत्र हूं। उनकी राजनीतिक विरासत संभाल रहा हूं। रानी 30 साल बाद आई हैं। वे विवाद क्यों कर रहीं हैं, मुझे नहीं पता। मेरी प्राइमरी स्कूल की अंकसूची से लेकर दस्तावेजों में पिता का नाम राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह ही दर्ज है। दस्तावेज भी हमारे पास हैं।