नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र ने रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट फॉर लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म अफेक्टेड एरियाज और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग सहित अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में तेजी आने की उम्मीद है।
सरकार के इस निर्णय से दूरस्थ और संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। योजनाओं के तहत पहले से स्वीकृत सड़कों के शेष कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक आवागमन की सुविधा बेहतर हो सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में सड़क की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सड़क बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच आसान हो जाती है, जिससे विकास की गति तेज होती है। योजनाओं की अवधि बढ़ने से बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में सड़क निर्माण कार्यों को पूरा करने में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासन की पहुंच भी मजबूत होगी। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।