छत्तीसगढ़ में इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। उम्मीद है कि यह चुनाव नवंबर के अंत या फिर दिसंबर के पहले सप्ताह में हो सकता है। चुनाव से पहले प्रदेश की रमण सरकार की कैबिनेट आदिवासियों को सौगात देने जा रही है। रमन सरकार की कैबिनेट ने फैसला लिया है कि आधे या अधिक आदिवासी आबादी वाले गांवों के लोगों को अब 5 रुपये की दर से हर राशनकार्ड पर 2 किलो चना मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके अंतर्गत 9 माडा क्षेत्रों के 1080 गांवों में रहने वाले सभी अंत्योदय और प्राथमिकता वाले राशनकार्ड धारक आएंगे। करीब एक लाख 27 हजार 114 राशनकार्ड धारक परिवारों को इसका फायदा पहुंचेगा।
क्या होता है माडा क्षेत्र
छत्तीसगढ़ में सात जिलों में नौ माडा क्षेत्र हैं। माडा क्षेत्र उन क्षेत्रों को कहा जाता है जिनकी आबादी 10 हजार या उससे अधिक आबादी वाले एक से ज्यादा गांवों के ऐसे क्षेत्र हैं जहां 50 प्रतिशत या उससे अधिक जनसंख्या आदिवासियों की होनी चाहिए।
ऐसे इलाकों की अगर बात करें तो रायगढ़ जिले में दो माडा क्षेत्र- गोपालपुर और सारंगढ़ में 33 और 100 गांव शामिल हैं। राजनांदगांव जिले के नचनिया माडा क्षेत्र में 77, बलोदाबाजार जिले के माडा क्षेत्र बलौदाबाजार में 147, जांजगीर-चांपा जिले के रूजगा माडा क्षेत्र में 46, कवर्धा जिले के कवर्धा माडा क्षेत्र 219, महासमुंद जिले के माडा क्षेत्र महासमुंद एक में 200 और महासमुंद दो में 215 तथा धमतरी जिले के गंगरेल माडा क्षेत्र में 43 गांव शामिल हैं।
पांच रुपये की दर से दो किलो मिलने वाले चने का फायदा इन क्षेत्रों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा और कमार समुदाय के लोगों को भी मिलेगा।
इस कैबिनेट में कई और अहम फैसले लिए गए जिसके तहत मेडिकल कालेज भर्ती नियम छत्तीसगढ़ स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयीन शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम 2018 मंजूर कर लिया गया है। इसके अंतर्गत चिकित्सा महाविद्यालयों और दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए शिक्षकों की नियमित नियुक्ति के अधिकार स्वशासी समिति की कार्यकारिणी समिति के अधिकार क्षेत्र में होगा।
वेतन भत्तों के भुगतान की व्यवस्था स्वयं कालेज करेगा। वहीं पशुधन विकास विभाग में रजिस्टर्ड गौशालाओं को भी सौर-सुजला योजना के तहत सोलर पंप मिलेंगे, ताकि पशुओं के पेयजल और चारा उत्पादन के लिए सिंचाई बेहतर हो सके।