छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह ने कांग्रेस नेता राज बब्बर को उन्हें फर्जी डाक्टर कहने पर कानूनी नोटिस भेजकर 15 दिन में माफी मांगने के लिए कहा है। यदि राज बब्बर इन 15 दिनों में माफी नहीं मांगेंगे तो राज बब्बर पर हर्जाने का दावा लगाया जाएगा।
रायपुर से मुख्यमंत्री रमन सिंह के वकील नरेश गुप्ता ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि राज बब्बर ने एक आमसभा में डॉ. रमनसिंह को ऐसा फर्जी डाक्टर बताया था जो अपने मतदाताओं को दवाएं ही गलत लिख रहा है। राज बब्बर ने कहा था कि ऐसे डाक्टर को सबक सिखाने की जरूरत है।
गुप्ता ने कहा कि डॉ रमनसिंह रायपुर के रविशंकर शुक्लविवि से बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन (बीएएमएस) की मान्यता प्राप्त डिग्री प्राप्त हैं। डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्होंने करीब 25 साल तक कवर्धा में प्रैक्टिस की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. रमनसिंह को सनीचर डॉक्टर भी इसलिए कहा जाता था कि वे शनिवार को लगने वाले हाट बाजार में डॉक्टर के रूप में काफी लोकप्रिय थे।
क्या है नियम
म.प्र. गवर्नमेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अजय खरे का कहना है कि बीएएमएस उपाधिकारी डॉक्टरों का पंजीयन होता है और उन्हें अपने नाम के आगे डॉक्टर लिखने की पात्रता है। लेकिन वे एलोपैथिक की दवाएं नहीं लिख सकते।
इस बारे में केरल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का एक निर्णय आया है कि आयुर्वेदिक डॉक्टर मरीजों को एलोपैथी के दवाओं का प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिख सकते।