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कवर्धा: धर्मांतरण पर मचा बवाल, वनांचल में 40 से अधिक अवैध चर्चों पर रोक की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

Wed, 04 Nov 2026 11:43 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कवर्धा

सार

कुई-कुकदूर वनांचल क्षेत्र के 18 गांवों के ग्रामीणों ने अवैध धर्मांतरण के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने 40 से अधिक चर्चों और प्रार्थना सभाओं पर रोक लगाने, सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के पंडरिया विकासखंड स्थित कुई-कुकदूर वनांचल क्षेत्र के 18 गांवों के ग्रामीणों ने क्षेत्र में अवैध धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जिला अधिकारी तूलिका प्रजापति को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने वनांचल क्षेत्र में संचालित 40 से अधिक अवैध चर्चों और प्रार्थना सभाओं पर तुरंत रोक लगाकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

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धर्मांतरण में सरकारी कर्मियों की भूमिका
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में धर्मांतरण की गतिविधियों में बाहरी मिशनरियों के साथ कुछ स्थानीय धर्मांतरित लोग सक्रिय रूप से जुड़े हैं। इस कार्य में सरकारी शिक्षकों से लेकर मितानिन (ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता), आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और कोटवार तक शामिल हैं। आरोप के अनुसार, कुछ शासकीय कर्मचारी स्वयं धर्मांतरित होने के बाद अन्य लोगों को भी इसके लिए दुष्प्रेरित कर रहे हैं। ग्रामीणों ने इन गतिविधियों में शामिल शासकीय एवं गैर-शासकीय व्यक्तियों के नामों की सूची भी प्रशासन को सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।

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लालच देकर मूल धर्म व परंपराओं से कर रहे दूर
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को अपनी चिंता बताते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर, अशिक्षित और भोले-भाले परिवारों को बहला-फुसलाकर तथा प्रलोभन देकर उनके मूल धर्म और परंपराओं से दूर किया जा रहा है। इससे बैगा और आदिवासी समाज की पारंपरिक पहचान के सामने गंभीर संकट खड़ा हो रहा है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि चर्च निर्माण के लिए शासकीय भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे।

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