राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित एक ज्वेलरी दुकान में हुई लाखों की चोरी की जांच उस समय बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई, जब मामले में संदिग्ध एक नाबालिग ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित एक ज्वेलरी दुकान में हुई लाखों की चोरी की जांच उस समय बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गई, जब मामले में संदिग्ध एक नाबालिग ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और इलाके में चर्चा का माहौल बन गया।
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जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम चोरी के मामले में पूछताछ के लिए नाबालिग के घर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि पुलिस को घर के बाहर देखकर वह घबरा गया और सीधे अपने कमरे में चला गया। कुछ ही देर बाद उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। जब काफी समय तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों और पुलिस ने अंदर देखा, जहां वह फंदे पर लटका मिला।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के मुताबिक मृतक के खिलाफ पहले भी चोरी, मारपीट और चाकूबाजी जैसे कई मामले दर्ज थे। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि आत्महत्या के पीछे मानसिक दबाव, डर या कोई अन्य वजह थी।
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पूरा मामला लक्ष्य ज्वैलर्स में हुई बड़ी चोरी से जुड़ा है। दुकान संचालक वंश कुमार मुरपानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 9 मई की रात दुकान बंद करने के बाद जब 11 मई की सुबह पहुंचे तो शटर के ताले टूटे मिले और अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात, सिक्के और बिस्किट गायब थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर 40 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने 300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले और कई पुराने अपराधियों से पूछताछ की। जांच के दौरान 10 घंटे के भीतर एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया था।
पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ चोरी की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने मंदिर हसौद और अभनपुर क्षेत्र की ज्वेलरी दुकानों में चोरी और चोरी के प्रयास की घटनाओं में भी शामिल होने की जानकारी दी थी। मामले में अन्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस फिलहाल आत्महत्या और चोरी—दोनों मामलों की अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है।