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Raipur : गृह मंत्री शाह ने कहा- ड्रग्स तस्करी वैश्विक मुद्दा, दृढ़ संकल्प और रणनीति से ध्वस्त करेंगे नेटवर्क

Mon, 26 Aug 2024 06:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

भारत दृढ़ संकल्प और रणनीति के साथ इस खतरे के खिलाफ लड़ाई जीतने में सक्षम है। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल आतंकवाद और नक्सलवाद फैलाने और देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने जैसी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है। उन्होंने इसके खिलाफ जंग में चार सूत्रों पर चलने का आह्वान किया।
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अमित शाह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मादक पदार्थों का अवैध कारोबार न केवल भारत के लिए चुनौती है, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। भारत दृढ़ संकल्प और रणनीति के साथ इस खतरे के खिलाफ लड़ाई जीतने में सक्षम है। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल आतंकवाद और नक्सलवाद फैलाने और देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने जैसी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाता है। उन्होंने इसके खिलाफ जंग में चार सूत्रों पर चलने का आह्वान किया।

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गृह मंत्री ने यहां नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के परिदृश्य पर एक बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लड़ाई में कामयाबी हासिल करने के लिए चार सूत्रों पर जोर दिया। इनमें मादक पदार्थों का पता लगाने, नेटवर्क को नष्ट करने, अपराधी को हिरासत में लेने और नशे के आदी लोगों का पुनर्वास करना शामिल है। 

शाह ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक देश को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है, जब देश की आजादी का 100 वां वर्ष मनाया जाएगा। धीरे-धीरे यह संकल्प 130 करोड़ आबादी का संकल्प बन गया है। मेरा मानना है कि नशा मुक्त भारत का संकल्प एक समृद्ध, सुरक्षित और गौरवशाली भारत बनाने में बहुत महत्वपूर्ण है। मेरा मानना है कि देश में लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की ज्यादा जरूरत है। मुझे यह कहने में झिझक नहीं है कि कई देश इसके खिलाफ अपनी लड़ाई हार चुके हैं। 
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पहली बार रायपुर आए माओवाद प्रभावित गांवों के युवा, गृह मंत्री से मिले
माओवाद प्रभावित बीजापुर जिले के पालनार कैंप के आसपास के पांच गांव के 31 युवाओं ने शाह से नवा रायपुर में मुलाकात की। इनमें से कई युवा पहली बार बीजापुर से निकलकर राजधानी रायपुर आए। शाह ने इन युवाओं से हाल-चाल पूछा और उन्हें बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इन युवाओं ने रायपुर पहुंचने पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रेलवे स्टेशन और मैग्नेटो माल का भ्रमण किया।

युवाओं को कर रहा बर्बाद बचाना हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी
शाह ने कहा, मादक पदार्थों के अवैध व्यापार का एक मकसद युवाओं को बर्बाद करना भी है। यह हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है कि इस बुराई को कतई बर्दाश्त नहीं करने (जीरो टॉलरेंस) की नीति के साथ देश को नशा मुक्त बनाया जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा, छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के दुरुपयोग का प्रतिशत 1.45 है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। छत्तीसगढ़ की सीमा ओडिशा और आंध्र प्रदेश सहित सात राज्यों से लगती है, जहां से मादक पदार्थों की तस्करी की जाती है। छत्तीसगढ़ में 4.98 फीसदी गांजे का नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो राष्ट्रीय औसत 2.83 फीसदी से अधिक है, जो हमारे लिए चिंता का विषय है।

10 साल में तेज हुई लड़ाई
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 साल में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) का प्रदर्शन बेहद अच्छा रहा। इस दौरान मोदी सरकार संगठित ढंग से ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को एक अंजाम तक पहुंचाने में सफल रही है। गृह मंत्री ने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 तक कुल 1,250 केस दर्ज हुए, जबकि 2014 से 2024 तक के 10 साल में 230 फीसदी की वृद्धि के साथ 4,150 केस दर्ज हुए। 2004 से 2014 के बीच कुल 1,360 गिरफ्तारियां हुईं, जो अब 6,300 हो गई हैं। 

  • इसी प्रकार, 2004 से 2014 के बीच 1.52 लाख किलो ड्रग्स पकड़ी गई, जबकि 2014 से 2024 के बीच 257 फीसदी की वृद्धि के साथ 5.43 लाख किलो ड्रग्स पकड़ी गई। 2004 से 2014 के बीच जब्त की गई ड्रग्स का मूल्य 5,900 करोड़ रुपये था, जबकि 2014 से 2024 के बीच जब्त की गई ड्रग्स का मूल्य 22,000 करोड़ रुपये है।
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