कॉलेज परिसर में 1931 से 1947 के बीच की लगभग 25 दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां और कलात्मक दस्तावेज मिले हैं, जो उस दौर की शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की झलक दिखाते हैं।
राजधानी रायपुर के राजकुमार कॉलेज में ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ी बड़ी खोज सामने आई है। कॉलेज परिसर में 1931 से 1947 के बीच की लगभग 25 दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां और कलात्मक दस्तावेज मिले हैं, जो उस दौर की शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की झलक दिखाते हैं।
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यह खोज जिले में चल रही हस्तलिखित दस्तावेजों के डिजिटलीकरण और संरक्षण अभियान के दौरान हुई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में इस विशेष पहल के तहत इन पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने और डिजिटल स्वरूप में सहेजने की तैयारी की जा रही है।
जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी सामने आए हैं। इनमें जवाहरलाल नेहरू, जगजीवन राम, नंदिनी सतपथी समेत कई प्रमुख हस्तियों के पत्र शामिल हैं। इसके अलावा प्रसिद्ध साहित्यकार शिवमंगल सिंह सुमन के हस्तलिखित संदेश भी मिले हैं। पांडुलिपियों में कॉलेज के अंतिम ब्रिटिश प्राचार्य स्मिथ का लेख भी मिला है, जो उस समय की प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रकाश डालता है।
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वहीं कुछ दस्तावेजों में “NAGPOOR” जैसे पुराने शब्दों का उल्लेख ब्रिटिश कालीन भाषा शैली को दर्शाता है। प्रशासन ने इन सभी दस्तावेजों को ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानते हुए इनके डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है, ताकि भविष्य में शोध और अध्ययन के लिए यह सामग्री संरक्षित रह सके।