छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार से अपने राज्यव्यापी दौरे की शुरुआत कर दी। वे रायपुर पुलिस लाइन हेलीपेड से रवाना हुए और इस अभियान के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेंगे।
सरकार के इस विशेष अभियान में मुख्यमंत्री आम नागरिकों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का फीडबैक भी लेंगे। यह अभियान 1 मई से शुरू होकर 10 जून तक प्रदेशभर में चलेगा। दौरे के दौरान उनके साथ प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और विशेष सचिव रजत बंसल भी मौजूद रहे।
जशपुर में ‘लखपति दीदी’ की दुकान पहुंचे मुख्यमंत्री
दौरे के दौरान जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम चंदागढ़ में एक खास दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री अचानक सुमिला कोरवा की छोटी किराना दुकान पर पहुंच गए, जो ‘लखपति दीदी’ के नाम से जानी जाती हैं।
मुख्यमंत्री के पहुंचते ही सुमिला भावुक हो गईं और पारंपरिक तरीके से लौंग-इलायची देकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत कर उनकी जीवन यात्रा जानी और उनके प्रयासों की सराहना की।
मुद्रा लोन से खड़ी की आत्मनिर्भरता की मिसाल
सुमिला ने बताया कि उन्होंने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण लेकर दुकान शुरू की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे गांव के लोगों को काफी सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने खुद किया भुगतान
मुख्यमंत्री ने दुकान से सामान खरीदा और खुद भुगतान किया। सुमिला द्वारा मना करने पर उन्होंने कहा कि यह उनकी मेहनत का अधिकार है। इस दौरान उन्होंने सुमिला के काम को अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
परिवार और पढ़ाई में भी आगे
सुमिला ने बताया कि उनकी बेटी प्रियंका पढ़ाई में अव्वल रही है और छुट्टियों में दुकान में सहयोग करती है। परिवार के पास ट्रैक्टर और वाहन भी है, जिससे अतिरिक्त आय होती है।
मुख्यमंत्री ने सुमिला की सराहना करते हुए कहा कि वे भविष्य में ‘करोड़पति दीदी’ बनेंगी। उनका यह सहज व्यवहार ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बन गया और सुशासन तिहार के उद्देश्य—जनता से सीधे संवाद—को मजबूती देता नजर आया।