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CG News: छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण मई से, घर-घर जाकर जुटाई जाएगी जानकारी

Sun, 12 Apr 2026 12:33 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

देशव्यापी जनगणना 2027 की प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ में पहले चरण की शुरुआत अगले महीने से होने जा रही है। इस चरण में 'मकान सूचीकरण एवं हाउसिंग सेंसस' का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर (एआई) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देशव्यापी जनगणना 2027 की प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ में पहले चरण की शुरुआत अगले महीने से होने जा रही है। इस चरण में 'मकान सूचीकरण एवं हाउसिंग सेंसस' का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक पूरे राज्य में संचालित किया जाएगा। यह प्रक्रिया 30 दिनों तक चलेगी, जिसमें प्रत्येक घर और भवन से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।
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इस चरण को जनगणना का अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए प्रदेश के सभी आवासीय और गैर-आवासीय भवनों की स्थिति, उपयोग और उपलब्ध सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे सरकार को भविष्य की योजनाएं बनाने में सटीक आंकड़े मिल सकेंगे।

इस बार जनगणना प्रक्रिया को डिजिटल रूप देने के लिए आम नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) का विकल्प भी दिया गया है। इच्छुक लोग 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार और मकान से जुड़ी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना पूरी करने के बाद एक विशेष आईडी जारी की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना होगा और बाद में प्रगणक के आने पर उसे दिखाना अनिवार्य रहेगा।
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मई महीने में प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। वे अधिकृत पहचान पत्र के साथ पहुंचेंगे, जिसकी पुष्टि नागरिक कर सकेंगे। लोगों से अपील की गई है कि वे सही और पूरी जानकारी दें, ताकि आंकड़े सटीक तैयार हो सकें।

इस प्रक्रिया के तहत मकान की संख्या, उसका प्रकार, उपयोग, निर्माण की स्थिति (कच्चा, पक्का या अर्ध-पक्का), परिवारों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, ईंधन और इंटरनेट जैसी जानकारी जुटाई जाएगी। ये आंकड़े शहरी और ग्रामीण विकास, आवास योजनाओं, जल एवं स्वच्छता कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचे के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय और नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।

पूरे कार्य की निगरानी के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। साथ ही शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी। अधिकारियों ने नागरिकों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करने और समय पर जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।
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