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छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: रजत बंसल को सीएम सचिवालय और जनसंपर्क का जिम्मा, रवि मित्तल को मिला ये आदेश

Fri, 27 Mar 2026 01:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

वर्ष 2012 बैच के आईएएस ऑफिसर  रजत बंसल को मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव के रूप में पदस्थ किया गया है। रवि मित्तल को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में डिप्टी सेक्रेटरी पद के लिए प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।
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रजत बंसल और रवि मित्तल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। दो सीनियर आईएएस ऑफिसर्स को नई जिम्मेदारी दी गई है। वर्ष 2012 बैच के आईएएस ऑफिसर  रजत बंसल को मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव के रूप में पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही वे छत्तीसगढ़ जनसंपर्क आयुक्त और संवाद के सीईओ की जिम्मेदारी भी देखेंगे। 

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इसके अलावा उन्हें कई अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इसमें संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म और प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम शामिल हैं। इससे प्रशासनिक स्तर पर उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है। यह नियुक्ति आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से की गई है। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। 

दूसरी ओर वर्ष 2016 बैच के आईएएस अफसर रवि मित्तल को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में डिप्टी सेक्रेटरी पद के लिए प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। आदेश के मुताबिक, आईएस रवि मित्तल 31 मार्च को अपराह्न कार्यमुक्त होंगे। इसके बाद वे पीएमओ में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के लिए दिल्ली जाएंगे। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। 
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मित्तल का कार्यकाल चार साल का होगा, जो उनके कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावशील होगा। हालांकि प्रशासनिक लिहाज से उनके कार्यकाल में बदलाव भी किया जा सकता है। जारी आदेश के मुताबिक, मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने आईएएस रवि मित्तल (छत्तीसगढ़ कैडर – 2016) को प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर नियुक्त करने की स्वीकृति मंजूर कर दी है। इसमें स्पष्ट है कि यह प्रतिनियुक्ति चार वर्षों के तय कार्यकाल के लिए ही है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव भी किया जा सकता है। ऐसे में यह नियुक्ति अगले आदेश तक भी प्रभावी रहेगी। 

फिलहाल, ये जिम्मेदारी उनके प्रशासनिक सफर को नई दिशा दे सकती है। पीएमओ में उनकी नियुक्ति को प्रदेश के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे केंद्र में छत्तीसगढ़ कैडर की भागीदारी मजबूत होगी।

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