कैसे फंसे मजदूर
यहां बगनई नदी पर पुल निर्माण का काम चल रहा था और सभी 14 मजदूर पुल के नीचे बने एक अस्थायी शेड (मेकशिफ्ट शेड) में रह रहे थे। पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार बारिश के कारण बगनई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे सभी मजदूर वहीं फंस गए।
सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। गरियाबंद पुलिस टीम और महासमुंद होमगार्ड टीम ने एक संयुक्त बचाव अभियान चलाकर सभी 14 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। डीएसपी ने कहा कि यदि समय रहते उन्हें नहीं निकाला जाता, तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
रायपुर में घरों में घुसा नाले का गंदा पानी, रातभर जागे लोग
भारी बारिश का सबसे बुरा असर राजधानी रायपुर में देखने को मिला। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रातभर हुई बारिश के कारण शहर के कई इलाके तालाब में तब्दील हो गए हैं। कई मोहल्लों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया है और सड़कों के साथ-साथ घरों में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है।
कई इलाकों में लोग नहीं बना सके खाना
शनिवार रात करीब 2 बजे से ही लोग घरों से पानी बाहर निकालते और अपने सामान को सुरक्षित करते नजर आए। नाले का गंदा पानी घरों में घुसने से सामान को काफी नुकसान पहुंचा है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए कई परिवार रातभर सो नहीं सके। जलभराव के कारण कई इलाकों में लोग खाना नहीं बना पाए और पीने के साफ पानी के लिए भी उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
क्षेत्र में लगातार हो रही खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। गरियाबंद जिला जंगलों, छोटे नालों, नदियों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिसके कारण बारिश का पानी तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस की टीमें लगातार संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रही हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के शनिवार के बुलेटिन के अनुसार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 जुलाई तक व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।