Biranpur Violence: सीबीआई ने छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बिरनपुर में हुए सांप्रदायिक हिंसा मामले में नये सिरे से जांच शुरू कर दी है। मामले में सीबीआई ने 12 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपी जेल में हैं। एफआईआर के बाद सीबीआई की टीम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आयेगी। यहां से बेमेतरा जिले के बिरनपुर के लिए रवाना होगी। इस केस में बीजेपी विधायक ईश्वर साहू के बेटे भुवनेश्वर साहू की सांप्रदायिक हिंसा में आठ अप्रैल को बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके तीन दिन बाद 11 अप्रैल को बिरनपुर गांव के ही पिता-पुत्र रहीम मोहम्मद और ईदुल मोहम्मद की लाश मिली थी।
हर पहलू की पूरी तरह से जांच करेगी सीबीआई
इस घटना की सीबीआई जांच को लेकर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि घटना क्या हुई और इसकी क्या वजह है, इसकी जांच होगी। घटना कैसे आगे बढ़ी, इसकी भी जांच की जाएगी। प्रदेश में ऐसी घटनाएं दोबारा होनी नहीं चाहिए। सीबीआई इस मामले में हर पहलू की पूरी तरह से जांच करेगी।
जानिए क्या था मामला
बेमेतरा जिले के साजा थाना क्षेत्र अंतर्गत 8 अप्रैल 2023 को बिरनपुर गांव में दो बच्चों के बीच विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। इसमें गांव के युवक भुवनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद विश्व हिन्दू परिषद ने 10 अप्रैल को छत्तीसगढ़ बंद का आव्हान किया था, जिससे यह मामला और गरमा गया। बिरनपुर गांव में आगजनी की भी घटना हुई। इस घटना के ठीक तीन दिन बाद 11 अप्रैल को बिरनपुर गांव के ही दो और लोगों के शव कोरवाय खार में मिले थे। उसी समय बिरनपुर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग उठी थी। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए पुलिस से जांच का आश्वासन दिया था। भुवनेश्वर साहू हत्या में पहले से ही 12 आरोपी जेल में हैं।