एस. जयशंकर, विदेश मंत्री
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आईआईएम रायपुर के पंद्रहवें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने इस अवसर पर भारतीय विदेश नीति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। विदेश मंत्री ने बताया कि वर्तमान विदेश नीति कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि हमारी विदेश नीति का एक प्रमुख लक्ष्य भारतीय उत्पादकों के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच बढ़ाना है। यह नीति देश के लिए आवश्यक संसाधनों, आधुनिक तकनीकों और जरूरी सामानों को सुरक्षित करने में भी सहायक है। विदेश मंत्री ने जोर दिया कि यह नीति उन सभी भारतीयों का ध्यान रखती है जो विदेश यात्रा कर रहे हैं। साथ ही, यह उन भारतीयों की भी देखभाल करती है जो विदेशों में स्थायी रूप से रह रहे हैं।
विशेष रूप से, संकट या मुश्किल के समय में विदेश नीति भारतीयों की सहायता के लिए तत्पर रहती है। यह सुनिश्चित करती है कि विदेश में कोई भी भारतीय अकेला महसूस न करे। इसका एक और महत्वपूर्ण कार्य 'ब्रांड इंडिया' को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है। यह भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करती है।
भारतीय उत्पादकों को लाभ
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि विदेश नीति का मुख्य ध्यान भारतीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना है। इससे भारतीय निर्माताओं को नए बाजार मिलते हैं और उनका निर्यात बढ़ता है। यह देश की आर्थिक वृद्धि को गति प्रदान करता है। सरकार विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों के माध्यम से यह सुनिश्चित करती है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है।
भारतीयों की सुरक्षा और ब्रांड इंडिया
एस. जयशंकर ने बताया कि विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुश्किल परिस्थितियों में उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, विदेश नीति भारत की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक क्षमता को विश्व के सामने प्रस्तुत करती है। यह 'ब्रांड इंडिया' को एक विश्वसनीय और मजबूत पहचान दिलाती है। यह भारत के हितों की रक्षा करती है।