Raipur IGKV Paper Leak Case: छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) में एंटोमोलॉजी पेपर लीक का मामला सामने आया है। इसके बाद राज्य की साय सरकार एक्शन में है। मामले में कार्रवाई को लेकर पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस संबंध में सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में है। परीक्षा रद्द कर दी गई है। पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने संबंधित अधिकारियों को जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास बनाए रखना सरकार और शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसी किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा, जिससे मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के हित प्रभावित हो। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की भी व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर उसके सुरक्षित रखरखाव, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया में जरूरी सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने को कहा गया है, ताकि इस प्रकार की घटना दोबारा न हो सके।
साइबर सेल भी कर रही सहयोग
मामले की तकनीकी जांच के लिये साइबर सेल की मदद ली जा रही है, ताकि प्रश्नपत्र के लीक का पूरा पता चल सके। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को हुई थी। प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के लगभग 1200 छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लीक हो गई थी। मामले की गंभीरता और परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है। निरस्त परीक्षा सितंबर के पहले दोबारा ली जायेगी। गठित जांच समिति सोशल मीडिया पर लीक प्रश्नपत्र और परीक्षा में उपयोग किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करने के साथ ही यह पता लगायेगी कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्रोत से बाहर आया, किन माध्यमों से लीक हुआ और इसकी पहुंच कहां तक रही। पुलिस एवं साइबर सेल उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी।
छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं: मंत्री रामविचार नेताम
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत जांच समिति गठित करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में मंत्री नेताम ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना काफी गंभीर है। इसमें जो भी व्यक्ति दोषी होगा। उसके विरुद्ध जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों का हित सर्वोच्च है। निरस्त परीक्षा की आगामी तिथि जल्द तय की जाएगी और परीक्षार्थियों को इसकी समय पर इसकी सूचना जारी की जायेगी।
क्या था मामला
बता दें कि बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले मिल गई थी। सुबह 8:50 बजे कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए साढ़े दस बजे परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्रों की सेटिंग एवं छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर होता है। इसके बाद प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।