राजधानी रायपुर में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। विद्युत विभाग में नौकरी लगाने के लिए ठग ने युवक से अलग-अलग किश्तों में 18 लाख रुपए की ठगी किया था। ठग ने युवक को विभाग की भर्ती परीक्षा में भी बैठाया। चयन सूची में नाम नहीं आने पर युवक को ठगी का अहसास हुआ। इस दौरान उसने मामले में थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराया। वहीं अब पुलिस ने लोगों को ठगी शिकार का बनाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शिक्षक प्रार्थी को पढ़ाया है, इस दौरान दोनों की जान पहचान था।
दरअसल, आरोपी अविनाश सिंह ठाकुर को प्रार्थी अविनाश धरडे जानता पहचानता था। आरोपी उसे स्कूल में पढ़ाया था। आरोपी अविनाश सिंह ठाकुर विद्युत विभाग गुढ़ियारी में नौकरी करता था। ठग ने अक्टूबर 2021 में प्रार्थी से बोला कि विद्युत वितरण कंपनी गुढियारी में कनिष्ठ इजीनियर की नौकरी प्रार्थी और उसके भाई अनुराग धरडे को दिलवा देगा। इसके लिए ठग ने पैसों की बात की। इस पर प्रार्थी ने ठग के पत्नी गरिमा सिंग ठाकुर के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाता कमाक 71330100017889 में विभिन्न किश्तों में कुल 13 लाख 18 हजार 021 रूपये दिया। साथ ही पांच लाख नगद भी दिया था। इस प्रकार प्रार्थी ने ठग को कुल 18 लाख 18 हजार रुपए दिया।
प्रार्थी एवं उसके भाई को नौकरी दिलाने का झांसा देने के दौरान विद्युत विभाग की परीक्षा भी आरोपी द्वारा दिलवाया गया, जिसमें कि सफल होने की गारंटी रूपये मिलने पर दी गयी थी। दो बार चयन सूची निकलने पर भी प्रार्थी एवं उसके भाई का विद्युत विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर नौकरी नही लगने से प्रार्थी को ठगी का अहसास होने लगा। इस पर आरोपी अविनाश सिंह ठाकुर एवं उसकी पत्नी गरिमा सिंह ठाकुर के विरुद्ध थाना गुडियारी में शिकायत देने पर अपराध 303/2023 धारा 420,34 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण में अपराध दर्ज होने बाद से आरोपीगण फरार थे। जो कि 25 जून को सह आरोपी गरिमा सिंग ठाकुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाड पर भेजा गया है। प्रकरण में मुख्य आरोपी अविनाश सिंग ठाकुर को पता तलाश कर 28 जून को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।