इस मामले में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले 15 दिनों से ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। आज कुछ असामाजिक तत्वों के उकसाये जाने पर मौके पर पथराव शुरू हो गया। इस दौरान कई जवान चोटिल हुए हैं। जिसके बाद वे अपनी जान बचाकर वहां से भागे। कलेक्टर ने बताया कि इस घटना के दो घंटे बाद स्थानीय जनप्रतिनिधयों के माध्यम से ग्रामीणों से चर्चा करने का प्रयास किया गया लेकिन उग्र ग्रामीणों ने फिर से पथराव शुरू कर दिया।
एसडीओपी, टीआई सहित कई पुलिसकर्मी घायल
शनिवार की दोपहर ढाई बजे भीड़ बेकाबू हो गई और बैरियर को तोड़ते हुए पत्थर एवं डंडों से वहां उपस्थित पुलिस पर टूट पड़ी। इस दौरान उपद्रवी भीड़ ने जमकर लाठी डंडे बरसाए। जिससे एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, थाना प्रभारी तमनार कमला पुसाम तथा एक आरक्षक को गंभीर चोट आई तथा कई पुलिस के जवान और महिला आरक्षक घायल हैं, जिन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कई वाहनों को किया आग के हवाले
अनियंत्रित भीड़ ने पुलिस की बस, जीप, एंबुलेंस को आग लगा दी गई तथा कई शासकीय वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके पश्चात अनियंत्रित भीड़ जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट सीएचपी की ओर बढ़कर अंदर घुसकर कन्वेयर बेल्ट तथा दो ट्रैक्टर व अन्य वाहन को आग लगा दी गई तथा ऑफिस में भी उत्पात मचाकर तोड़फोड़ की। भीड़ को समझाइश देने विधायक लैलूंगा विद्यावती सिदार, कलेक्टर रायगढ़ एवं पुलिस अधीक्षक के द्वारा मौके पर जाने पर भीड़ उग्र ने उन पर भी पथराव शुरू कर दिया।