रायगढ़ जिले में अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए देह व्यापार के दो अड्डों का पर्दाफाश किया। साइबर थाना, सिटी कोतवाली और जूटमिल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित रेस्क्यू कर काउंसलिंग के बाद उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
पुलिस के अनुसार पहली कार्रवाई लालटंकी दानीपारा स्थित एक मकान में की गई। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने एक पाइंटर को ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा। तय संकेत मिलने के बाद टीम ने छापा मारा।
छापेमारी के दौरान मकान संचालिका लक्ष्मी शर्मा (46) को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके पास से पाइंटर को दिए गए 500-500 रुपये के तीन नोट, एक मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। तलाशी के दौरान मकान के कमरों से दो नाबालिग बालिकाएं और एक युवक ऋषभ शर्मा (24) मिला।
पूछताछ में लक्ष्मी शर्मा ने स्वीकार किया कि वह पिछले एक-दो वर्षों से लड़कियों को बुलाकर अपने मकान में देह व्यापार संचालित कर रही थी और ग्राहकों से मिलने वाली रकम का हिस्सा संबंधित लड़कियों को देती थी। इस मामले में पुलिस ने लक्ष्मी शर्मा और ऋषभ शर्मा के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
दूसरी कार्रवाई मिट्ठूमुड़ा दुर्गा चौक स्थित एक मकान में की गई। यहां भी पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से पाइंटर भेजने के बाद छापा मारा। मौके पर मकान संचालिका सुनीता मेहर मिली। एक कमरे में अभय सिंह (42) निवासी मूलतः बिहार और एक महिला संदिग्ध अवस्था में मिले। पूछताछ के दौरान दोनों ने अनैतिक गतिविधि के उद्देश्य से वहां मौजूद होने की बात स्वीकार की। मकान में मौजूद दो अन्य महिलाओं ने भी बताया कि वे देह व्यापार के लिए वहां आई थीं।
इस मामले में पुलिस ने सुनीता मेहर और अभय सिंह के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों मामलों के सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं रेस्क्यू की गई नाबालिग बालिकाओं की काउंसलिंग कराई गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।