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Raigarh: फर्जी सहायक श्रम आयुक्त बनकर ठेकेदार को टेंडर दिलाने पहुंचा शख्स, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Fri, 28 Mar 2025 05:41 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फर्जी सहायक श्रम आयुक्त बनकर एनटीपीसी लारा में अपने ठेकेदार को गिट्टी-रेत का टेंडर दिलाने पहुंचे एक शख्स को सीआईएसएफ और पुलिस ने पकड़ा है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फर्जी सहायक श्रम आयुक्त बनकर एनटीपीसी लारा में अपने ठेकेदार को गिट्टी-रेत का टेंडर दिलाने पहुंचे एक शख्स को सीआईएसएफ और पुलिस ने पकड़ा है। पुसौर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर फर्जी शील, लेटर, आईडी, आधार कार्ड को जब्त कर आगे की कार्रवाई कर रही है। मिली जानकारी के मुताबिक पुसौर ब्लाक के ग्राम लारा में स्थापित एनटीपीसी पावर प्लांट में एक शातिर ठग बड़ा खेल करने पहुंचा था, लेकिन उसकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी। खुद को सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय) बताकर अधिकारी बनने का नाटक कर रहा यह युवक एनटीपीसी में दबंगई दिखाने पहुंचा था। उसका मकसद अपने ठेकेदार को गिट्टी और रेत का टेंडर दिलाना था लेकिन उसकी नौटंकी ज्यादा देर नहीं चली, और चैकस सीआईएसएफ के अधिकारी और जवानों ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा।   

 

बड़े ही ठाट से एनटीपीसी में हुआ दाखिल  

27 मार्च को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ऋत्विक कुमार षडंगी नामक युवक का विजिटर पास जारी किया गया था। यही नहीं एनटीपीसी में उसके लिए कॉल भी आया था जिसमें अनुरोध किया गया कि ऋत्विक कुमार षडंगी का विजिट के विजिटर पास जारी करें और एनटीपीसी प्रबंधन के मानव संसाधन अनुभाग के प्रतिनिधि उन्हें रिसीव करें। विजिट पास मिलने के बाद वह बड़े ठाट से एनटीपीसी संयंत्र में दाखिल हुआ। सीधा बीएचईएल के ऑफिस पहुंचा और वहां मौजूद अधिकारियों को फंसाने लगा।   

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ऋत्विक के हाव भाव से हुआ शक
खुद को  ASSISTANT LABOUR COMMISSIONER (CENTRAL) बताया और अधिकारियों पर धौंस जमाने लगा कि ठेकेदार, गजेन्द्र सिंह परमार (बिलासपुर निवासी) को गिट्टी और रेत का ठेका दिया जाए। शातिर दिमाग से अधिकारियों को प्रभावित करने की पूरी कोशिश की। बीएचईएल के अधिकारियों को उसके हावभाव पर शक हुआ। उन्होंने जब श्रम विभाग से पड़ताल की, तो सच्चाई सामने आ गई, ऋत्विक कुमार षडंगी नाम का कोई भी व्यक्ति श्रम विभाग में सहायक आयुक्त नहीं था। 

टेंडर दिलाने किया फर्जी काम 
जैसे ही ठग की साजिश पकड़ी गई, सीआईएसएफ के कंपनी कमांडर ने क्यूआरटी टीम को अलर्ट किया। जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया और उसे पुसौर पुलिस के हवाले कर दिया। जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो इस फर्जी अफसर की पूरी पोल खुल गई। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि यह सबकुछ टेंडर दिलाने के लिए किया जा रहा था। इसके लिए उसने कूट रचित दस्तावेज, फर्जी आईडी कार्ड और कॉल्स के जरिए श्रम आयुक्त होने का नाटक रचा।  उसके पास सहायक श्रम आयुक्त केन्द्रीय बिलासपुर का फर्जी लेटर और फर्जी शील नमुना भी था।
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फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार, भेजा गया जेल
सीआईएसएफ कंपनी कमांडर की शिकायत पर पुसौर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी ऋतिक कुमार सारंगी पिता मधुसूदन सारंगी उम्र 27 साल निवासी चांदमारी, थाना कोतवाली रायगढ़ के पास से आधार कार्ड, नकली आईडी और शील मोहर जब्त कर ली।

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