फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raigarh: खाना न बनाने की बात को लेकर हुए विवाद में पति ने पत्नी को पीटकर मार डाला, आजीवन कारावास की मिली सजा

Mon, 18 Aug 2025 10:20 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

मोहल्लेवासियों ने बताया कि 16 अक्तूबर की रात 9 बजे पुलुराम कुम्हार का खाना नहीं बनाने की बात को लेकर पत्नी सुकरी बाई से विवाद हो गया था। जिसके बाद हाथ-मुक्कों से उसके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
दोषी पति - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खाना नहीं बनाने की बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। जिसके बाद पति ने अपनी पत्नी से इस कदर पीटा कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।  हत्यारे पति को अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने आजीवन कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। 

विज्ञापन


अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 अक्तूबर 2023 की शाम सवा 6 बजे नंदलाल कुम्हार ने लैलूंगा थाने में सूचना देते हुए बताया कि उसकी बड़ी बहन सुकरी बाई की शादी लैलूंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रूपडेगा निवासी पुलुराम कुम्हार के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके बच्चे नहीं हुए। नंदलाल कुम्हार ने लैलूंगा थाने में बताया कि उसे उसके भतिज दामाद लोहरा कुम्हार ने 17 अक्तूबर की सुबह 8 बजे मोबाइल पर सूचना देते हुए बताया कि सुकरी बाई की मौत हो गई है। इस सूचना पर वह  ग्राम-रूपडेगा स्थित बहन के घर पहुंचा तो देखा कि उसकी बहन खाट में पड़ी हुई थीं, उसके चेहरा, गाल एवं गला पर मारपीट के निशान थे। 

आसपास पूछताछ करने पर मोहल्लेवासियों ने उसे बताया कि 16 अक्तूबर की रात 9 बजे पुलुराम कुम्हार का खाना नहीं बनाने की बात को लेकर पत्नी सुकरी बाई से विवाद हो गया। जिसके बाद हाथ-मुक्कों से उसके साथ मारपीट शुरू कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस सूचना के आधार पर निरीक्षक मानकुंवर सिदार ने आरोपी पुलुराम कुम्हार 65 साल, के खिलाफ धारा 302 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
विज्ञापन


यह मामला न्यायालय में जाने के पश्चात अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए सभी साक्षियों का बयान दर्ज किया, जिसके बाद अभियुक्त पुलुराम कुम्हार को हत्या का दोषी पाये जाने पर धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं एक हजार के जुर्माने से दंडित किया है। अर्थदण्ड की अदायगी नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को एक माह का सश्रम कारावास की सजा और भुगतनी होगी। इस मामले में अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें