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सफलता की कहानी, टॉपर्स की जुबानी: IAS से लेकर कृषि वैज्ञानिक बनने के सपने, प्यून पिता की बेटी ने बनाया रिकार्ड

Wed, 10 May 2023 07:24 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर/राजनांदगांव/कांकेर/अंबिकापुर/रायगढ़

सार

छत्तीसगढ़ की बोर्ड परीक्षा में टॉप करने वाले स्टूडेंटस ने कड़ी मेहनत की। इसके लिए अपने हालात से कभी समझौता नहीं किया। अब कोई आईएएस बनना चाहती है, कोई इंजीनियर, तो कोई कृषि वैज्ञानिक बनकर देश सेवा करना चाहती है। चपरासी की बेटी ने टॉपरों की लिस्ट में शामिल हुई तो एक दिन भी स्कूल से अनुपस्थित नहीं होने का रिकार्ड बनाया। ऐसे ही टॉपरों की सफलता की कहानी, उनकी ही जुबानी। 
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विधि ने छत्तीसगढ़ बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में टॉप किया है। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CGBSE) की ओर से 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम (CGBSE Result 2023) बुधवार को घोषित कर दिए गए हैं। इस बार भी लड़कियों ने ही परीक्षा में बाजी मारी है। टॉपरों में भी सबसे ऊपर और ज्यादा उन्हीं के नाम हैं। कोई आईएएस बनना चाहती है, कोई इंजीनियर, तो कोई कृषि वैज्ञानिक बनकर देश सेवा करना चाहती है। चपरासी की बेटी ने टॉपरों की लिस्ट में शामिल हुई तो एक दिन भी स्कूल से अनुपस्थित नहीं होने का रिकार्ड बनाया। ऐसे ही टॉपरों की सफलता की कहानी, उनकी ही जुबानी। 

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अपने परिजनों और शिक्षकों के साथ विधि। - फोटो : संवाद
किसान पिता की बेटी बोली बनना है कृषि वैज्ञानिक
प्रदेश में 12वीं की परीक्षा में रायगढ़ के पुसौर गांव की बेटी विधि भोसले ने टॉप किया है। छोटे से गांव से निकलकर विधि कृषि वैज्ञानिक बनना चाहती है। विधि कहती हैं कि, शुरुआत से ही उन्होंने कृषि वैज्ञानिक बनने लक्ष्य तय कर रखा है। इसी को पाने के लिए वह मेहनत कर रही हैं। साल की शुरुआत से ही रोज छोटे-छोटे टॉपिक बनाकर पढ़ाई की, इसका नतीजा सामने हैं। कहती हैं कि, पिता वासुदेव भोसले को खेती करती देखती हैं। किसानों की स्थिति को देखते हुए तय किया कि उनकी सहायता करनी है। 

अपने परिजनों के साथ रितेश देवांगन - फोटो : संवाद
टेलर पिता का टॉपर बेटा रितेश बनना चाहता है इंजीनियर
दुर्ग के पुरई गांव के रितेश कुमार देवांगन ने 12वीं में प्रदेश में तीसरा स्थान अर्जित किया है। गांव के ही शासकीय हाई स्कूल से पढ़ने वाले रितेश के पिता टेलर हैं। रितेश कहते हैं कि परिणाम आते ही हर कोई खुश हो गया। रितेश की मां कामिनी देवांगन बुनकर हैं। घर की आर्थिक स्थिति भी कोई ठीक नही है, लेकिन माता-पिता ने पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया। रितेश स्कूल से आने के बाद 6 से 7 घंटे तक प्रतिदिन पढ़ाई करता था। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, बहन और स्कूल टीचर को देते हैं। रितेश का कहना है, की अब वह इंजियनरिंग की पढ़ाई करना चाहता है।

अपने माता-पिता के साथ झरना साहू। - फोटो : संवाद
प्यून पिता की बेटी ने लहराया पचरम, अब बनना है जज
रायपुर के पटेल चौक टिकरापारा की रहने वाली झरना साहू ने 12वीं में 6th रैंक हासिल की है। सिविल जज बनने का सपना देख रही झरना साहू नियमित रूप से 8 से 10 घंटे की पढ़ाई करती थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता टीवी अस्पताल लालपुर में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं। घर की माली हालत काफी खराब रही, लेकिन घर वालों ने हमेशा साथ दिया और पढ़ाया। उन्होंने पहली से बारहवीं तक रेगुलर क्लासेस की एक दिन भी अब्सेंट नहीं रही। इसके लिए स्कूल के तरफ से अवार्ड देकर सम्मानित किया जा चुका है।

छात्रा चित्राक्षी साहू। - फोटो : संवाद
खुद पर भरोसा और कठिन संघर्ष से मिली सफलता
रायपुर के गुढ़ियारी स्थित प्रयास बालिका आवासीय विद्यालय की छात्रा चित्राक्षी साहू ने 10वीं की परीक्षा में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। वह आईएएस अफसर बनना चाहती हैं। चित्राक्षी कहती हैं कि खुद पर भरोसा और कठिन संघर्ष से ही सफलता मिल सकती है। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए स्कूल के अलावा सेल्फ स्टडी भी की। तैयारी के लिए नोटस बनाकर पढ़े। चित्राक्षी कहती हैं कि उनकी सफलता के लिए उनके माता-पिता, गुरूजन और प्रयास संस्था का अहम योगदान है। 

रिया हलदार। - फोटो : संवाद
कांकेर के नक्सल प्रभावित इलाके ने रचा इतिहास, बने तीन टॉपर
कांकेर के नक्सल प्रभावित इलाके कोयलीबेड़ा ने इस बार इतिहास रच दिया है। यहां के तीन बच्चों ने टॉप-10 में जगह बनाई है। इनमें ग्राम एसेबेड़ा की रिया हालदार ने 10वीं में चौथा स्थान प्राप्त किया है। वहीं स्नेहा हलदर ने आठवां और उर्वसा ने 10वां स्थान प्राप्त किया है। रिया कांकेर की कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला से प्रभावित हैं और उनकी ही तरह आईएएस बनना चाहती हैं। रिया बताती हैं कि, वह किसान परिवार से हैं। परीक्षा के लिए रोज करीब 4 से 5 घंटे पढ़ाई की। वहीं प्रियल देवांगन ने 12वीं में आठवां स्थान प्राप्त किया है। उनके पिता दुकान संचालक हैं। प्रियल कहती हैं कि, टीचर पढ़ाते थे, शुरु से उसी को पढ़कर आगे बढ़ती रही। दिन में 6 से 7 घंटे और पूरी रात पढ़ाई करती थी। अब डॉक्टर बनना है। 

परिजनों के साथ खुशियां बांटती ख्याति साहू। - फोटो : संवाद
कठिनाइयों से जीतकर हासिल किया मुकाम
राजनांदगांव जिले से तीन विद्यार्थियों ने टॉप टेन में जगह बनाई है। कक्षा 10वीं में डोंगरगांव के रोशन सिन्हा को 8 वां स्थान मिला है। वहीं कक्षा 12वीं में गायत्री स्कूल की आंचल कसार को सातवां और ख्याति साहू को नौवां स्थान मिला है। गायत्री स्कूल की छात्रा ख्याति साहू ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता सहित आपने गुरुजन को दिया है।  वकील बनने की तमन्ना पाले ख्याति साहू का कहना है कि मेहनत से जरूर सफलता मिलती है। सभी कठिनाइयों को पछाड़कर उन्होंने सफलता हासिल की है। इसके लिए वह घंटों पढ़ाई करती थीं। 
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परिजनों के साथ वंशिका। - फोटो : संवाद
डॉक्टर बनना है सपना
सरगुजा जिले से दो छात्र-छात्राओं ने कक्षा 10वीं में टॉप टेन में जगह बनाई है। अंबिकापुर शहर के घुटरापारा की रहने वाली वंशिका गुप्ता ने छठवां स्थान हासिल किया है। वंशिका गुप्ता स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम में पिछले 3 सालों से पढ़ रही है। वंशिका ने बताया कि आने वाले समय में पढ़ाई कर वह डॉक्टर बनना चाहती है। परिजनों ने इस सफलता पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बेटी ने हमारा और जिले का नाम रोशन किया है। उसने अपनी कड़ी मेहनत से इस मुकाम को हासिल किया है।
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