सुशील प्रधान ने बताया की उसने राहुल यादव को डाउन पेमेंट के रूप में 1लाख 45 हजार फोन पे से भुगतान किया। जिसमे 13 जनवरी को 80 हजार एवं 09 फरवरी को 65 हजार रूपये दिया गया। फाइनेंस डिस्बर्समेंट के पश्चात ब्रोकर राहुल यादव ने 24 जनवरी को बंधन बैंक शाखा रायगढ सें कुल 4 लाख 90 हजार आरटीजीएस द्वारा मेरें खातें से अपने खातें में रकम ट्रासफर कराया एवं 9 लाख 50 हजार चेक से निकाल कर राहुल यादव को दिया गया।
9 माह से बिलासपुर में खड़ी है वाहन
सुशील प्रधान ने बताया की इस प्रकार राहुल यादव ने गाड़ी खरीदवाने के नाम से 15 लाख 85 हजार प्राप्त कर लिया। इसके बावजूद उक्त राशि में से एक रुपया भी रूपया विक्रेता शाह कोल को नहीं दिया गया। जिससे वाहन का स्वामित्व उसके नाम पर अंतरण नही हुआ। पिछले 9 माह से सम्बंधित वाहन शकरा मोटर्स बिलासपुर के सर्विस सेंटर में खड़ी है। उसे ना तो वाहन मिली और ना ही किसी प्रकार की किश्तों का भुगतान हो पा रहा है।
एक माह में मामला सुलझाने का किया झूठा वादा
सुशील प्रधान ने यह भी बताया की 24 जुलाई को राहुल यादव ने - स्टाम्प पेपर पर एकरारनामा एवं शपथ पत्र तैयार कर 01 माह के भीतर मामला सुलझानें का लिखित वचन दिया था। परन्तु आज दिनांक तक कोई समाधान नही किया गया।जिसके बाद ही पीड़ित ने पुरे मामले की शिकायत थाने में की है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज करते हुए मामले को जांच में ले लिया है।