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रायगढ़: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल कठोर कारावास की सजा, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया

Fri, 21 Nov 2025 08:14 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

रायगढ़ में नाबालिग को शादी का झांसा देकर बिलासपुर भगा ले जाने के बाद किराये के मकान में मारपीट करते हुए शारीरिक संबंध बनाने के गांव छोडकर चले जाने वाले आरोपी को अदालत ने 20 साल कठोर कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है।
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कोर्ट ने सुनाई सजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रायगढ़ में नाबालिग को शादी का झांसा देकर बिलासपुर भगा ले जाने के बाद किराये के मकान में मारपीट करते हुए शारीरिक संबंध बनाने के गांव छोडकर चले जाने वाले आरोपी को अदालत ने 20 साल कठोर कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता के पिता ने बताया कि 14 मई 2024 की रात 11 बजे खाना कमरे में सोयी थी। अगले दिन सुबह 6 बजे जब वह सोकर उठा तो देखा कि उसकी पुत्री घर में नही थी और उसके कपडे भी घर में नही थे। रिश्तेदारों में पतासाजी करने के बावजूद उसका कहीं पता नही चला। 

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ऐसे में उसे संदेह हुआ कि कोई उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसला ले गया है। जिसके बाद उसने पूरे मामले की जानकारी जोबी चैकी में दी, जिस पर पुलिस ने धारा 363 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। 21 मई 2024 को पीडिता को बरामद किया गया इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पूछताछ करने पर उसने बताया कि गांव में ही पड़ोस में रहने वाला लक्ष्मण दास महंत 23 साल, जो कि रिश्ते में चाचा लगता है, उसने एक साल पहले पसंद करता हूं और शादी करना चाहता हूं कहता था। पीड़िता के द्वारा खुद को नाबालिग होनें का हवाला देने के बावजूद वह जबरदस्ती बातचीत करता था। 

इसी बीच 14 मई 2024 को लक्ष्मण दास उसे शादी करूंगा कहकर जबरदस्ती उसे अपनी मोटर सायकल में बिठाकर बिलासपुर ले गया। जहां लेबर कालोनी बिलासपुर में किराये में रखा और मारपीट करते हुए 20 मई तक उससे शारीरिक संबंध बनाया और फिर 21 मई 2024 को बिलासपुर से गांव लाकर उसे छोड़कर चला गया। पीड़िता के बयान के पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 366, 376 (2) (एन) 323 पाॅस्को एक्ट जोड़ते हुए लक्ष्मण दास महंत को गिरफ्तार करते हुए प्ररकण न्यायायल में प्रस्तुत किया गया। 
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इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी पास्को के विद्वान न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोष सिद्ध पाया और आरोपी युवक लक्ष्मण दास महंत को 20 साल कठोर कारावास एवं 8 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। अर्थदण्ड न पटाने पर 4 माह का अतिरिक्त कारावास भुगताने को कहा गया है। इस मामले में अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।

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