सुकमा में शराब घोटाले के मामले में ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व मंत्री कवासी लखमा पर शिकंजा कसकर ईडी ने सुकमा जिला कांग्रेस भवन को अटैच कर लिया है।
सुकमा में शराब घोटाले के मामले में ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व मंत्री कवासी लखमा पर शिकंजा कसकर ईडी ने सुकमा जिला कांग्रेस भवन को अटैच कर लिया है। यही नहीं, लखमा की निजी संपत्ति पर कुर्की की कार्रवाई के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। ईडी की इस कार्रवाई के बाद सुकमा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस भवन के सामने इकट्ठा होकर कार्यकर्ताओं ने ईडी का पुतला जलाया और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का सीधा आरोप है कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार के इशारे पर ईडी काम कर रही है।
विज्ञापन
कांग्रेस का दावा है कि कवासी लखमा की आवाज को दबाने की साजिश रची जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लखमा आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ते रहे हैं और यही कारण है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसा कर जेल में बंद कर दिया गया है। कांग्रेसियों ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि बस्तर का जंगल अदानी समूह को बेचा जा रहा है और जो भी इस सौदे के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे इस तरह से निशाना बनाया जा रहा है।
यही नहीं, कांग्रेस ने भाजपा के अटल सदन निर्माण पर भी सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि अटल सदन के निर्माण में भी घोटाला हुआ है और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पूरे मामले में सियासत गरमा गई है। एक ओर भाजपा इस कार्रवाई को कानून सम्मत और घोटाले की जांच का हिस्सा बता रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया कदम बता रही है।