धर्म नगरी के नाम से जाना जाने वाला भाटापारा इन दिनों मिनी मुंबई के नाम से भी जाना जा रहा है। ऐसा इसलिए कहना पड़ रहा है, क्योंकि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में चोरी, लूट और सट्टा बाजार जैसे काम जोरों से चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर आने-जाने वालों पर नजर रखते हुए सट्टे का कारोबार चलाया जा रहा है। वहीं, चोरी के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं।
रेल लाइन होने से चोर लुटेरों के लिए भाटापारा एक मात्र ऐसा स्थान हो गया है, जहां अपने कार्य को अंजाम देकर आरोपी आसानी से शहर से निकल जाता है। कुछ माह पहले रोहरा गांव में लुटेरो ने लाखों रुपये का सोना-चांदी लुटकर फरार हो हुए। पुलिस और साइबर टीम ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आज तक पुलिस के हाथ खाली हैं।
नौ अगस्त को गिरीश देवांगन के घर में घुसकर आरोपी 45 हजार रुपये व जेवर लूटकर फरार हो गया। लगभग चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। ठीक इसी तरह 11 अगस्त को भाटापारा हटरी बाजार में एक ही दिन लगातार चार दुकानों का ताला तोड़कर कुछ नगदी व समान लेकर आरोपी फरार हो गया, जिन्हें भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
क्या कहते हैं अधिकारी जनप्रतिनिधी:-
पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सुनील महेश्वरी का कहना है कि रमन सिंह जब मुख्यमंत्री थे तो उनके विधायक के कहने पर लूटपाट और सट्टा जैसी घटनाओं की रिपोर्ट नहीं लिखा जाती थी। कांग्रेस सरकार में सभी की रिपोर्ट लिखी जाती है। पुलिस के कार्य में किसी प्रकार हस्तक्षेप नहीं किया जाता।
भाजपा जिला महामंत्री राकेश तिवारी ने कहा कि अपाराधों कि संख्या को देख सुनील महेश्वरी का दिमाग खराब हो गया है और कुछ भी आरोप लगा रहे हैं। उनकी बौखलाहट से ही समझा जा सकता है कि किस के कार्यकाल में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
पुलिस अधिक्षक दीपक झा ने बताया कि जब चार दुकानों के ताला तोड़ने वालों का खुलासा बहुत ही जल्द होगा और गिरीश देवांगन के घर से 45 हजार रुपये लूटने वालों की खोजबीन जारी है। बाहरी गिरोह कि जानकारी जुटाई जा रही है, उसका भी खुलासा पुलिस बहुत जल्द करेगी।