धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में 24 मई की सुबह खेत की पगडंडी में लाश मिलने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो सगे भाईयों ने हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के बाद अपना गुनाह छुपाने के लिये अत्याधिक शराब सेवन से मौत होने की बात कही थी।
जानकारी के मुताबिक 24 मई को धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम आमापाली के बाहर खेत में एक युवक का शव मिलने की जानकारी धरमजयगढ़ पुलिस को मिली। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की शिनाख्त गांव के घांसीराम विश्वकर्मा (35) के रूप में की। शव का बारीकी से निरीक्षण पर शव के बाएं पसली, सीना, हाथ, पैर में चोट और खरोंच के निशान थे। घटना के संबंध में गांव के विनोद तिग्गा और उसके भाई अनिल तिग्गा ने मृतक घांसीराम को शराबी प्रवृत्ति का बताते हुए अत्यधिक शराब पीने से मौत होना बताया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुला हत्या का राज
धरमजयगढ़ थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शॉर्ट पीएम रिपोर्ट प्राप्त की। पीएमकर्ता डॉक्टर द्वारा रिपोर्ट पर मृत्यु को हत्यात्मक प्रवृत्ति का लेख किया गया, जिस पर थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए उनके मार्गदर्शन पर मृतक के परिजनों, गवाहों से पूछताछ कर जांच आगे बढ़ाई। इस दौरान मृतक घांसीराम को आखिरी बार विनोद तिग्गा और अनिल तिग्गा के साथ देखा जाना पता चला।
तीनों ने साथ में पी थी शराब
दोनों संदेहियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों भाइयों ने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि 23 मई को विनोद तिग्गा अपने साथी घांसीराम विश्वकर्मा को शराब पीने के लिए घर पर बुलाया था। रात में घासीराम विश्वकर्मा, विनोद तिग्गा और विनोद का भाई अनिल तिग्गा तीनों मिलकर शराब पी।
हत्या कर शव खेत में फेंका
घांसीराम विश्वकर्मा ने विनोद की पत्नी पर भद्दी अशोभनीय बातें कहीं, जिसे लेकर विनोद का घांसीराम के साथ विवाद हो गया। दोनों भाइयों ने मिलकर घांसीराम को हाथ, मुक्का-डंडे से मारपीट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पास खेत में ले जाकर फेंक दिया।
दोनों सगे भाई जेल दाखिल
आरोपियों के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त डंडा व प्लास्टिक के बेंट को बरामद किया है। धरमजयगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपी विनोद तिग्गा (33) पुत्र अमोस तिग्गा, अनिल तिग्गा (36) पुत्र अमोस तिग्गा दोनों निवासी पलटनपारा आमापाली थाना धरमजयगढ को गिरफ्तार कर रिमांड बाद जेल भेज दिया।
इनकी रही अहम भूमिका
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के दिशा निर्देशन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के सतत मार्गदर्शन एवं सुपरविजन पर मामले का शीघ्र पटाक्षेप में थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर एवं उनकी टीम के एएसआई बी. के. गिरी, अमृत मिंज, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत आरक्षक कमलेश राठिया, बीरबल टोप्पो, संत पटेल, ललित राठिया की अहम भूमिका रही है।