छत्तीसगढ़ में नक्सली या तो पुलिस बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं या फिर वो आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इसकी वजह से नक्सली संगठन परेशान है। नक्सली संगठन को अब नए लड़ाके मिलने मुश्किल हो गए हैं। युवा नक्लियों के साथ आना नहीं चाहते और जो संगठन में मौजूद हैं वो आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
मुठभेड़ में मारे गए इनामी नक्सली देवा के पास से तेलगु भाषा में मिले खत में खुलासा हुआ है कि सरकारी योजनाओं की वजह से नए लड़ाके नहीं मिल पा रहे हैं। ये चिट्ठी ओडिशा के एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली को लिखी गई थी।
पत्र में कहा गया है कि टीसीओसी हमले में नक्सली सफल हुए, लेकिन नए लोगों की भर्ती में उन्हें सफलता नहीं मिल रही है। सरकार जनता के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे जनता अब प्रभावित होकर मुख्यधारा में जा रही है।
पत्र में आगे लिखा है, मध्यमवर्गीय परिवारों को सरकारी योजनाओं का फायदा मिलने के कारण संगठन कमजोर हो रहा है। बरामद हुई चिट्ठी में दंतेवाड़ा की कई सारी योजनाओं व यहां हुए एनकाउंटर का भी जिक्र किया गया है।