इस वर्ष जिले के सभी 12 प्रखंडों से शोभायात्राएं निकाली जाएंगी, जिनके रूट पहले ही निर्धारित कर लिए गए हैं। समिति की मुख्य शाखा, महिला शाखा और युवा शाखा ने अपने-अपने प्रखंडों में लोगों को आमंत्रित करने का कार्य तेज कर दिया है।
श्रीराम जन्मोत्सव समिति द्वारा छह अप्रैल को श्रीरामनवमी के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में जिले के 2.5 लाख से अधिक परिवारों से संग्रहित अन्न से महाप्रसाद तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि, उपमुख्यमंत्री अरूण साव अध्यक्षता करेंगे, जबकि समिति के संरक्षक प्रेमप्रकाश पाण्डेय विशेष अतिथि और बाल योगेश्वर राम बालकदास महात्यागी (श्री पाटेश्वर धाम) मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।
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तीसरे साल भी 'एक मुट्ठी दान- श्रीराम के नाम' अभियान
समिति के युवा विंग अध्यक्ष मनीष पाण्डेय ने बताया कि पिछले चार वर्षों से आयोजित यह कार्यक्रम मध्य भारत के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शुमार हो चुका है। इस बार 24 मार्च से शुरू हुए 'एक मुट्ठी दान- श्रीराम के नाम' अभियान के तहत 2.5 लाख से अधिक परिवारों से अन्न संग्रहित किया गया है। इस अन्न से श्रीरामनवमी पर महाप्रसाद बनाया जाएगा। भिलाईवासियों ने इस अभियान में अभूतपूर्व उत्साह और समर्पण दिखाया है।
1150 मठ-मंदिरों के ध्वजवाहक होंगे शामिल
आयोजन में 1150 से अधिक मठ-मंदिरों के ध्वजवाहक शोभायात्रा में शामिल होंगे। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चार प्रमुख शोभायात्राएं- बाबा भोलेनाथ, भगवान चतुर्भुजी, मां बम्लेश्वरी और मां दंतेश्वरी शोभायात्रा निकलेंगी, जो आयोजन स्थल रामलीला मैदान, पावर हाउस पहुंचेंगी। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभिन्न प्रखंडों से झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी।
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सभी 12 प्रखंडों से निकलेगी शोभायात्रा
इस वर्ष जिले के सभी 12 प्रखंडों से शोभायात्राएं निकाली जाएंगी, जिनके रूट पहले ही निर्धारित कर लिए गए हैं। समिति की मुख्य शाखा, महिला शाखा और युवा शाखा ने अपने-अपने प्रखंडों में लोगों को आमंत्रित करने का कार्य तेज कर दिया है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है।
मध्य भारत का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन
छह अप्रैल को होने वाला यह आयोजन अपनी भव्यता और व्यापकता के कारण मध्य भारत में खास पहचान रखता है। तैयारियां अंतिम चरण में हैं और समिति का लक्ष्य इसे और भी यादगार बनाना है। शोभायात्राएं तय रूट से होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेंगी, जहां मुख्य कार्यक्रम संपन्न होगा।