छत्तीसगढ़ विधासभा मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में काफी हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के समय सबसे पहले युवाओं के निर्वस्त्र प्रदर्शन पर काफी बहस हुई। इसके बाद शराब घोटाला, बेरोजगारी जैसे अन्य मुद्दों पर भी हंगामा हुआ। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के जवाब से विपक्ष ने नाखुश होकर वॉकआउट किया। प्रदेश में बढ़ी बेरोजगारी पर बीजेपी पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सवाल उठाया। लगभग 33 मिनट तक इस सवाल पर बहस चली है। सदन में शराब से जुड़े मामलों पर भी हंगामा हुआ। विपक्ष ने शराब पर टैक्स, शराब बंदी, जहरीली शराब जैसे कई मुद्दों पर सवाल किए।
निर्वस्त्र प्रदर्शन पर किसने क्या कहा?
बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने निर्वस्त्र प्रदर्शन पर कहा कि यह छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने वाली घटना है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसा स्थिति क्यों बनी? इस पर कांग्रेस मंत्री शिव डहरिया ने पलटवार करते हुए कहा कि यह आप लोगों के द्वारा किए गए पाप हैं। भाजपा शासन में फर्जी नियुक्तियां की, जिसके बाद 15 साल तक भाजपा ने फर्जी काम किए।
मंत्री के इस बयान के बाद सदन में मौजूद बीजेपी नेताओं ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस मामले में दोषी अफसरों पर कार्रवाई करना चाहिए, न कि प्रदर्शनकारी युवाओं पर। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'जो सरकार युवाओं को निर्वस्त्र प्रदर्शन करने पर मजबूर करे, इससे हम सभी शर्मसार हुए हैं'। इस मामले में धर्मजीत सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को तुरंत जेल से रिहा किया जाए और हाई पावर कमेटी से जांच कराई जाए।
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि ऐसी कौन सी स्थिति बन गई, जिससे युवाओं को निर्वस्त्र प्रदर्शन करना पड़ा। युवाओं ने सरकार को आखरी चेतावनी दी थी। इसके बावजूद मांगों को सरकार ने नजरअंदाज किया। हम इस सरकार से इस्तीफे की मांग करते हैं और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
चंदेल के इस बयान पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह प्रदर्शन की सूचना शासन को नहीं दी थी। फर्जी जाति प्रमाण पत्र के साथ सरकारी नौकरी करने वालों के खिलाफ निर्वस्त्र प्रदर्शन किया गया। पुलिस के रोकने पर उन्होंने झूमाझटकी की। इससे पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। इस आधार पर प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की गई है। मामले में जांच की जा रही है।
बेरोजगारी पर किसने क्या कहा?
बीजेपी के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के दौरान कहा कि जब 22 हजार बेरोजगारों को नौकरी देने के लिए विज्ञापन लगवाया तो फिर 33 हजार अभ्यार्थियों की भर्ती कैसे हो गई। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि बेरोजगारों को भत्ता देने के लिए रोजाना नियम बदले जा रहे हैं। सरकार प्रदेशभर में 10 लाख लोगों को रोजगार देने की जगह-जगह होर्डिंग पोस्टर लगा रही है, लेकिन पंजीकृत बेरोजगार कितने हैं इसकी जानकारी सरकार द्वारा नहीं दी जा रही है।
शराब से हुई मौत पर किसने क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने शराब बिक्री के खिलाफ मिलीं शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। चंदेल ने कहा कि जहरीली शराब के सेवन से एक सेना समेत 3 लोगों की मौत हो गई है।
इस पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने पलटवार करते हुए कहा कि इन लोगों की मौत जहरीली शराब के सेवन से नहीं हुई है। इनकी मौत जहर पीने से हुई है। आबकारी मंत्री लखमा के इस बयान पर पलटवार करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने की बात है। इस पर नेता प्रतिपक्ष नारायण ने कहा कि सदन की कमेटी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत की वजह की जांच करे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इसकी पूरी जानकारी लेकर सदन को जवाब दें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन की शुरुआत में नए मंत्री बने मोहन मरकाम का परिचय कराया। वहीं, मंत्रियों के विभाग ने हुए बदलाव पर भी जानकारी दी। आज सरकार 3 हजार करोड़ की अनुपूरक बजट पेश कर सकती है।