ग्राम पचपेड़ी में इन दिनों खुलेआम अवैध कबाड़ कारोबार फल-फूल रहा है। गांव के आसपास बिना किसी सरकारी अनुमति या लाइसेंस के लोहे, तार, पाइप, पुरानी मशीनें, बैटरियां और बिजली उपकरणों की खरीद-बिक्री बड़े पैमाने पर की जा रही है।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम पचपेड़ी में इन दिनों खुलेआम अवैध कबाड़ कारोबार फल-फूल रहा है। गांव के आसपास बिना किसी सरकारी अनुमति या लाइसेंस के लोहे, तार, पाइप, पुरानी मशीनें, बैटरियां और बिजली उपकरणों की खरीद-बिक्री बड़े पैमाने पर की जा रही है। क्षेत्र में सक्रिय कारोबारियों का इतना दबदबा है कि पूछताछ करने पर वे 'ऊंचे पहुंच' का हवाला देकर कार्रवाई से बचते नजर आते हैं।
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स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पिकअप और छोटे वाहनों से हर दिन अलग-अलग इलाकों से कबाड़ लाकर पचपेड़ी में जमा किया जा रहा है। यह कारोबार अब पूरी तरह संगठित रूप ले चुका है। न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है, न ही पर्यावरणीय नियमों का। अवैध रूप से चल रहे इस काम से आसपास के क्षेत्रों में गंदगी और प्रदूषण बढ़ गया है, साथ ही चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार, कबाड़ के नाम पर यहां कई संदिग्ध वस्तुएं भी लाई जा रही हैं, जो चोरी के मामलों से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि अब तक जिम्मेदार विभागों या स्थानीय पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ दिनों पहले मानिकपुर चौकी क्षेत्र में भी एक कबाड़ी द्वारा SECL का माल खरीदने का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में SECL प्रबंधन ने कबाड़ बेचने वाले चार कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई की थी।
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शहर में ऐसे कई कबाड़ी दुकानें हैं जहां बिना जांच के कारोबार चल रहा है। यह स्पष्ट नहीं है कि इन स्थानों की जांच की जवाबदारी किसकी है और वहां किस प्रकार का माल खरीदा-बेचा जा रहा है। इस पूरे मामले पर कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले को संज्ञान में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विधिवत जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।