कुल 1 करोड़ 44 लाख 46 हजार रुपये की ठगी की गई
भाई ने जमीन बेचकर 27.36 लाख रुपये राम नारायण, हेमंत, देवनारायण, राजकुमार साहू, तुलेश्वर एलएस डिजिटल, और अनिल शंकर साहू के खातों में ट्रांसफर किए। दामाद ने 2.5 लाख रुपये का लोन लेकर राम नारायण के खाते में जमा किया। भाभी ने तीन लाख रुपये जमा किए। इसके अतिरिक्त, 70 लाख रुपये नकद में अलग-अलग तारीखों पर राम नारायण को दिए गए। कुल मिलाकर 1 करोड़ 44 लाख 46 हजार रुपये की ठगी की गई।
स्कीमों का झांसा
राम नारायण ने शेयर मार्केट के साथ-साथ राणा ज्वेलर्स, ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल फेडरेशन, डीएमएस बिल्डर्स एंड डेवलपर्स रायपुर, एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया, वन सुमन विहार सोनाखान, और छत्तीसगढ़ महतारी सेवा समिति जैसी स्कीमों में निवेश का लालच दिया। पीड़िता की बेटियों को व्हाट्सएप और फोन के जरिए निवेश के लिए उकसाया गया।
चेक बाउंस और टालमटोल
जब पीड़िता ने निवेश की रकम और लाभ के बारे में पूछा, तो राम नारायण ने टालमटोल शुरू कर दी। मार्च में उसने एक खाली हस्ताक्षरित चेक (एचडीएफसी बैंक, खाता संख्या 5020****, चेक नंबर 000098) दिया और 10 मई के बाद 80.52 लाख रुपये निकालने को कहा। 2 जुलाई को चेक जमा करने पर खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गया। इसके बाद राम नारायण ने फोन उठाना बंद कर दिया। उसके भाइयों देवनारायण और तुलेश्वर ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
पीड़िता ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई कि राम नारायण ने न तो शेयर मार्केट में और न ही किसी स्कीम में पैसा निवेश किया, बल्कि छलपूर्वक राशि हड़प ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।