एनएसयूआई ने आज सोमवार को रायपुर में अनोखा प्रदर्शन किया। एनएसयूआई ने दो हजार की करंसी बंद किए जाने पर उक्त नोट की शवयात्रा निकाली। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव कुणाल दुबे के नेतृत्व में घड़ी चौक पर सैकड़ों की संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता जुटे। फिर यहां से दो हजार रुपए के नोट की शवयात्रा निकाली गई, जो अंबेडकर चौक तक पहुंची।
एनएसयूआई ने आज सोमवार को रायपुर में अनोखा प्रदर्शन किया। एनएसयूआई ने दो हजार की करंसी बंद किए जाने पर उक्त नोट की शवयात्रा निकाली। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव कुणाल दुबे के नेतृत्व में घड़ी चौक पर सैकड़ों की संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता जुटे। फिर यहां से दो हजार रुपए के नोट की शवयात्रा निकाली गई, जो अंबेडकर चौक तक पहुंची।
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इसके बाद यहां पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया। इस मौके पर पुलिस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। संगठन के प्रदेश सचिव कुणाल दुबे ने बताया कि नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को 500,1000 के नोट बंद कर दिए थे। इसमें नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यह कदम आतंकवाद, भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाया गया है और आज 2000 के नोट को बंद किया जा रहा है। अब भ्रष्टाचार बढ़ने का हवाला दिया जा रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार बिना रणनीति के देश की जनता को परेशान करने में लगी है। आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक 1.5 हजार 80 करोड़ से ज्यादा सर्कुलर से गायब होना, जो rbi ने नष्ट भी नहीं किया है। गुम हुए इन नोटों का वैल्यू 9.21 लाख करोड़ है।
इस मौके पर प्रभारी महामंत्री हेमंत पाल, पुनेश्वर लहरे, जिला उपाध्यक्ष तारिक अनवर, उत्तर विधानसभा अध्यक्ष अनुज शुक्ला, विशाल मानिकपुरी, जिला महासचिव गावेश साहू, रजत ठाकुर,मेहुल विज, सूरज शर्मा, रौनक साहू, तनिक्ष मिश्रा, दीपक कोशारिया, अभिषेक दुबे आदि मौजूद रहे।