बालोद जिले के गुरुर नगर पंचायत में आज सोमवार को नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रमोद सोनवानी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के तहत मतदान सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें नगर पंचायत उपाध्यक्ष ने अपनी कुर्सी बचा ली, उनके पक्ष में 7 मत मिले, तो 6 मत भाजपा की तरफ से उनके विपक्ष में पड़े। वहीं दो पार्षद अनुपस्थित रहे। बिना तैयारी के अवैध किला को नहाने निकली भाजपा को मुंह के बल गिरना पड़ा। उनकी पहली गलती ये रही कि नगर पंचायत में अध्यक्ष को गिराने के समय एकजुटता दिखाने में भाजपा पूरी तरह फेल रही।
वहीं अनुपस्थित दोनों पार्षद भारतीय जनता पार्टी के विचारधारा के बताए जा रहे हैं। एक ने सिंबल से चुनाव लड़ा था और एक बाद में बीजेपी की विचारधारा में शामिल हो गई थी। नदारद भाजपा पार्षद मुकेश साहू ने तीखा आरोप लगाया है कि मेरे खिलाफ निष्कासन की अनुशंसा की जा रही है तो पहले उनका निष्कासन किया जाए, जो भाजपा के पार्षद चंद्रलता साहू, जितेश्वरी निषाद, पीआईसी में कांग्रेस की अध्यक्ष के साथ शामिल हुए थे, तब भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष कौशल साहू कहां थे।
नफरत की दुकान हुई बंद
पूरे मामले में संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि यह मेरे गृह नगर का मामला है। उन्होंने बड़े ही शायराना अंदाज में कहा कि गुरुर में नफरत की दुकान बंद हुई है। अब हम प्रेम फैलाने निकले हुए हैं, उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार वह प्रयास करना चाहती है, जो वह नहीं कर पा रही है वह नफरत फैलाने और नगर में विकास रोकने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
ये रहे अनुपस्थित
बालोद जिले के गुरुर नगर पंचायत में आज 11 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान भाजपा का एक पार्षद मतदान में शामिल नहीं हुआ। इसके साथ ही पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष टीकेश्वरी साहू भी नदारद रही। भाजपा कांग्रेस से जीतकर नगर पंचायत अध्यक्ष बनी टिकेश्वर साहू के लिए तो भारतीय जनता पार्टी जिला एवं मंडल संगठन ने एड़ी चोटी लगा दिया था। आज भाजपा के समर्थन को लेकर सामने नहीं आई। लिहाजा भारतीय जनता पार्टी का उपाध्यक्ष को गिराने का यह प्रयास असफल रहा। इस तरह 7 मत उपाध्यक्ष के समर्थन में 6, विपक्ष में और 2 अनुपस्थित रहे। कुल 15 पार्षद नगर पंचायत में हैं।
निष्कासन की अनुशंसा
गुरुर मंडल के अध्यक्ष कौशल साहू ने कहा कि जो पार्षद भाजपा का अनुपस्थित था। वही एक कारण है हमारी हार का और हम उसके निष्कासन के लिए अनुशंसा कर रहे हैं। ता दें कि इसी मंडल अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के समय यह कहा था कि मुझे जानकारी नहीं है पार्षदों से पूछा जाए।
पार्षद मुकेश साहू का जवाब
नगर पंचायत के पार्षद मुकेश साहू ने बताया कि पार्षदों की ना बैठक हुई ना ही उन्हें एकजुट करने का प्रयास किया गया। नेता प्रतिपक्ष चिंता साहू की ओर से मनमानी की गई। जब उनके तीन महिला पार्षद पीआईसी में शामिल हुए थे, तब कहां था यह जिला और मंडल का संगठन, तब क्यों इन पार्षदों के ऊपर निष्कासन की कार्रवाई नहीं की गई। मंडल अध्यक्ष ने मुझे व्यक्तिगत रूप से यह भी कहा था कि मुझे कुछ भी पूछा नहीं यह है मेरी सहमति के बिना अविश्वास प्रस्ताव लाने कलेक्ट्रेट गया था।
क्या सभी पार्षदों का निष्कासन